खेल डेस्क. टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के जज्बे की जितनी सराहना की जाए वह कम ही रहेगी। उनके नाम के पीछे जो 'सिंह' लगा है वे उसे पूरी तरह चरितार्थ करते हैं। मोहाली का मैदान भी उनके जज्बे का गवाह बना।
इंग्लैंड के खिलाफ चौथे वनडे मुकाबले में टीम इंडिया ने 5 विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज में 3-1 की विजयी बढ़त हासिल कर ली। इससे पहले रांची में धोनी के धुरंधरों ने मेहमान टीम को 7 विकेट से रौंदा था। खेल प्रेमियों को यह बात जानकर शायद हैरानी हो कि इन दोनों ही मैचों में धोनी चोटिल थे, लेकिन इसके बावजूद वे टीम की जरूरत के अनुसार खेले।
धोनी ने अपनी 'दर्दभरी' दास्तां को ट्विटर पर बयां किया है। उन्होंने सोशल नेटवर्किंग साइट पर अपने घायल अंगूठे की एक तस्वीर पोस्ट की है।
इस तस्वीर में धोनी का अंगूठा पूरी तरह लाल है। धोनी ने लिखा है, "यह तस्वीर मोहाली वनडे से ठीक पहले मैंने खींची थी। अब मेरा अंगूठा पहले से बेहतर है।"
पीसीए स्टेडियम में 258 रनों का पीछा करते हुए धोनी को अपनी पारी के दौरान फिजियो को मैदान पर बुलाना पड़ा था। उन्होंने अपने अंगूठे को टेप से कवर करने के बाद बल्लेबाजी की थी।
यह चोट उन्हें रांची में अभ्यास सत्र के दौरान लगी थी। मोहाली में एक बार फिर मनप्रीत गोनी की तेज गेंद ने इस चोट को गहरा दिया। इसकी परवाह किए बगैर धोनी दिलेरी दिखाते हुए मैदान पर उतरे और अपनी टीम को जीत दिलाई।
यह पहला मौका नहीं है जब धोनी ने ऐसी फाइटिंग स्पिरिट दिखाई है। पाकिस्तान के खिलाफ चेन्नई वनडे में धोनी बुखार और क्रेम्प से जूझ रहे थे। इसके बावजूद उन्होंने नाबाद शतक लगा कर अपनी टीम का साथ दिया था।