हरभजन सिंह
इंग्लैंड दौर में विशेषज्ञ स्पिनर के रूप में आर अश्विन नाकाम रहे थे। हालांकि बल्ले से अश्विन ने उपयोगी पारियां खेली थीं। इसे देखते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ स्पिन डिपार्टमेंट को मजबूत करने हरभजन को मौका दिया गया है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हरभजन का रिकॉर्ड भी उनके पक्ष में गया।
ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह पिछले छह प्रथमश्रेणी मैचों में महज 21 विकेट ले पाए हैं। यानी, उनके चयन की वजह प्रदर्शन नहीं पिछला रिकॉर्ड रहा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 12 घरेलू टेस्ट मैचों में उनके नाम 81 विकेट हैं। नहीं तो तीन स्पिनरों अश्विन, प्रज्ञान ओझा और रवींद्र जडेजा के रहते टीम में चौथे स्पिनर के चयन का कोई मतलब नहीं था।