भारत के धुरंधर ऑफस्पिनर हरभजन सिंह चेन्नई टेस्ट में यदि प्लेइंग इलेवन में शामिल किए जाते हैं तो वह उनका 100वां टेस्ट होगा। 99 के फेर में अटके हुए हरभजन का अंतिम एकादश में जगह बनाने के लिए मुकाबला दूसरे ऑफ स्पिनर अश्विन से है जो अपना पदार्पण करने के बाद से ही टीम इंडिया के स्थाई सदस्य बने हुए हैं। यही वजह है कि हरभजन टेंशन में हैं, लेकिन कंगारू अलर्ट हैं। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने कहा कि हरभजन मैच विनर हैं। अगर वह खेले तो हमें संभल कर खेलना होगा।
22 फरवरी से शुरू होने वाले पहले टेस्ट के लिए दोनों टीमें चेन्नई पहुंच चुकी हैं। दोनों ही टीमें इस समय बदलाव के दौर से गुजर रहीं हैं ऐसे में यह सीरीज बेहद महत्पूर्ण मानी जा रही है।
जहां तक टीम इंडिया का सवाल है शायद यह पहली सीरीज होगी जिसमें न तो टीम के ओपनर्स तय हैं और न ही मिडिल ऑर्डर व गेंदबाज। एक ओर ऐसे संकेत मिले हैं कि सहवाग इस बार ओपनिंग की बजाय मिडिल ऑर्डर में खेलेंगे वहीं नंबर-छह की पोजीशन कौन संभालेगा यह भी तय नहीं है।
दूसरी ओर टीम के बॉलिंग डिपार्टमेंट के भी कुछ ऐसे ही हाल हैं। टीम कॉम्बीनेशन में अब तक इशांत और ओझा की जगह तो लगभग तय मानी जा रही है अब देखना यह है कि टीम इंडिया चार या पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ उतरती है।
जिस तरह से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने वार्म-अप मैचों में स्पिन के खिलाफ घुटने टेके हैं उसे देख यह भी संभावना है कि टीम इंडिया चार स्पिन गेंदबाजों के साथ उतरे। इंग्लैंड के खिलाफ यह कॉम्बीनेशन नागपुर टेस्ट में आजमाया भी गया था। हालांकि दूसरी पारी में ट्रॉट ओर बैल ने शतकीय पारियां खेल टीम इंडिया की इस रणनीति को बेकार कर दिया था।
क्या हो सकती है टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन और नंबर-6 के साथ स्पिन में किसे मिल सकता है मौका, जानने के लिए क्लिक करें आगे की तस्वीरें...
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