सहवाग को टीम से हटाए जाने की उम्मीद पहले से ही लग रही थी क्योंकि वनडे मैचों की पिछली 10 पारियों में वह 238 रन ही जुटा सके हैं। सूत्रों के मुताबिक सेलेक्शन कमेटी की मीटिंग में भी उनकी 'फिल्डिंग क्षमता' चर्चा का विषय रही। चयनकर्ता पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे में सहवाग का प्रदर्शन देखना चाहते थे लेकिन भारतीय कप्तान धोनी ने कोटला वनडे से ऐन पहले अंतिम एकादश से यह कहते हुए वीरू का पत्ता काट डाला कि अब अजिंक्य रहाणे का वक्त आ गया है। धोनी ने कहा कि चूंकि अब इस सीरीज में हार-जीत का कोई मतलब नहीं रह गया है, ऐसे में युवा खिलाडियों को मौका दिया जाना चाहिए। लेकिन रहाणे भी धोनी की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे और महज चार रन बनाकर पैवेलियन लौट गए।
2015 वर्ल्ड कप के लिए तैयार की जा रही टीम इंडिया में 34 साल के सहवाग के लिए वापसी करना मुश्किल होगा। वैसे, निगाहें इस ओर भी हैं कि वनडे की मौजूदा ओपनिंग जोड़ी खुद को इस 'प्लेस' के लिए कितना योग्य साबित कर पाती है?