बोर्ड ने की थी स्टार खिलाड़ी की बेइज्जती, अब भरेगा लाखों का हर्जाना
Agency
| Sep 14, 2012, 11:59AM IST

सरवन ने वेस्टइंडीज प्लेयर्स एसोसिएशन वीपा के साथ मिलकर बोर्ड के खिलाफ मुकदमा ठोका था। उनकी दलील थी कि बोर्ड ने मार्च 2011 में उनकी फिटनेस और रवैये पर अनुचित टिप्पणी की थी। सरवन ने कहा था कि बोर्ड की इस टिप्पणी के कारण उन्हें केन्द्रीय अनुबंध गंवाने के साथ ही पेशेवर क्रिकेटर के रूप में उनकी छवि को नुकसान पहुंचा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका करिअर चौपट हो गया।
मामले के लिए नियुक्त मध्यस्थ सीनत जयराम ने सरवन की हानि और क्षति की दलील स्वीकार करते हुए कहा कि बोर्ड की चयन प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होने के कारण सरवन को नुकसान हुआ और बोर्ड ने खिलाड़ी के साथ किये समझौता ज्ञापन का उल्लंघन भी किया है।
डब्ल्यूआईसीबी ने अपने फेसबुक पेज पर जारी बयान में इस मामले को बंद करने की घोषणा की लेकिन साथ ही कहा कि मध्यस्थ का फैसला बेहद कड़ा है। हालांकि मध्यस्थ ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा इसमें कोई संदेह नहीं है कि सरवन के साथ हुआ व्यवहार अनुचित है और बोर्ड का रवैया कहीं से पारदर्शी नहीं है।
तस्वीरों में देखिए, वेस्ट इंडीज के इस दिग्गज क्रिकेटर का करियर ग्राफ...






