खेल डेस्क. कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन मैदान पर
पाकिस्तान ने दूसरे वनडे में 85 रन से जीत दर्ज की। इस पराजय के साथ ही मेजबान वनडे सीरीज गंवा बैठा। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी टीम के इस प्रदर्शन से शर्मसार हैं। न तो उन्हें यह समझ आ रहा है कि टीम एकाएक हारने क्यों लगी, ना ही बीसीसीआई को इस बात की चिंता है। टेस्ट के बाद टी-20 और अब वनडे में भी टीम को लगातार पराजय का सामना करना पड़ा है। लेकिन एक टीवी चैनल पर आ रही खबर के मुताबिक कोलकाता में हार के बाद टीम में दरार सामने आ गई है। ईडन पर हार के बाद ड्रेसिंग रूम में न तो कप्तान धोनी और न ही कोच डंकन फ्लेचर ने टीम के अन्य खिलाडियों से बात की। स्टेडियम से होटल जाते समय कप्तान धोनी उस बस में भी नहीं देखे गए जिस बस में पूरी टीम सवार थी। जो खिलाड़ी बस में सवार थे, वो भी आपस में बात करते नहीं दिखे।
ताजा हार के बाद एक बार फिर धोनी की कप्तानी पर सवाल उठने लगे हैं और तत्काल टीम को नया कप्तान देने की जरूरत बताई जाने लगी है। गुरुवार की हार के बाद कई खेल विशेषज्ञों ने ऐसी राय जाहिर की। मोहिंदर अमरनाथ ने कहा कि बोर्ड को अब कप्तान बदलने में देर नहीं करनी चाहिए, क्योंकि असली लक्ष्य 2015 का वर्ल्ड कप जीतना होना चाहिए। (
भारत नहीं आएंगे मियांदाद)
कोलकाता की पिच शुरुआती ओवरों में बेहतरीन रही। पाकिस्तान के ओपनर्स नासिर जमशेद और मोहम्मद हफीज ने मिल कर यहां जम कर रन बटोरे। लेकिन भारतीय पारी के समय मिस यूनिवर्स जैसी दिखने वाली पिच अचानक से क्रूर सिंह बन गई। भारतीय बल्लेबाज एक-एक रन के लिए संघर्ष करते दिखे। ऐसा लग रहा था मानो टीम इंडिया घर पर नहीं, बल्कि पर्थ की वाका विकेट पर खेल रही है।
जुनैद खान और मोहम्मद इरफान की रफ्तार से लेकर मोहम्मद हफीज, सईद अजमल और शोएब मलिक की स्पिन तक ने मेजबान टीम के बल्लेबाजों को परेशान किया। वो तो शुक्र था कि कप्तान धोनी के पचासे ने टीम को 100 रन के अंतर से नहीं हारने दिया। धोनी (54) के अलावा कोई अर्द्धशतक नहीं बना पाया। सहवाग (31), गंभीर (11), कोहली (6), युवराज (9) और रैना (18) फ्लॉप साबित हुए। इसीलिए धोनी आसानी से बल्लेबाजों पर ठीकरा फोड़ते हुए जिम्मेदारी अपने सिर लेने से बच गए। लेकिन पूर्व पाकिस्तानी कप्तान इमरान खान ने कहा कि भारतीय टीम दोहरी दबाव में आ गई थी। एक तो पाकिस्तानी गेंदबाजों का दबाव था और दूसरा, बड़े स्कोर का। इमरान ने कहा कि बाद में बल्लेबाजी करने का धोनी का फैसला गलत था।
आगे क्लिक कर जानिए, आखिर क्यों अब घर में भी हार रहे हैं धोनी के धुरंधर...