TRIBUTE: देश के आजाद होते ही हो गया था टेलेंट का 'MURDER'
Agency
| Dec 12, 2012, 09:22AM IST

कोल्हापुर. रणजी ट्रॉफी में सर्वोच्च स्कोर (443*) का रिकॉर्ड अपने नाम रखने वाले भाऊसाहेब निंबालकर का निधन हो गया है। उन्होंने अपने 93वें जन्मदिन से एक दिन पहले मंगलवार को अंतिम सांस ली। निंबालकर ने 1939 से 1965 के बीच 80 प्रथम श्रेणी मैच खेले थे, लेकिन उन्हें टेस्ट मैच खेलने का मौका नहीं मिला।
उन्होंने दिसंबर 1948 में महाराष्ट्र की तरफ से काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन की पारी खेली थी। यह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में ओवरऑल चौथा सबसे बड़ा स्कोर है। विश्व रिकॉर्ड ब्रायन लारा (501*) के नाम है।
निंबालकर ने जब 446* रन की पारी खेली थी, तब यह क्रिकेट जगत का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर था। विश्व रिकॉर्ड डॉन ब्रेडमैन (452*) के नाम था।
निंबालकर यह रिकॉर्ड तोड़ सकते थे, लेकिन काठियावाड़ ने लंच के बाद खेलने से मना कर दिया। इस तरह महाराष्ट्र की पारी 4/826 पर खत्म हुई। बाद में ब्रेडमैन ने निंबालकर को चिट्ठी लिखी। इसमें उन्होंने माना कि भारतीय बल्लेबाज की पारी उनके मुकाबले बेहतर थी।
दो ओवर तो और खेल लो :
निंबालकर ने 2001 के एक इंटरव्यू में अपनी रिकॉर्ड पारी का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि जब काठियावाड़ ने लंच के बाद खेलने से मना किया, तो उनके कप्तान राजा गोखले ने उनके खिलाड़ियों से बात की।
"हमारे कप्तान ने कहा कि वे सिर्फ दो ओवर और खेल लें ताकि मैं रिकॉर्ड बना सकूं। प्रतिद्वंद्वी टीम ने मैदान पर उतरने से मना कर दिया। उसका कहना था कि आप इतने रन तो बना चुके हो। अब और रन क्यों बनाना चाहते हो?"
प्रथम श्रेणी के पांच बड़े स्कोर
501* ब्रायन लारा वारविकशायर 1994
499 हनीफ मुहम्मद कराची 1959
452* डॉन ब्रेडमैन न्यूसाउथ वेल्स 1930
446* निंबालकर महाराष्ट्र 1948
437 बिल पोंसफोर्ड विक्टोरिया 1928









