नई दिल्ली. राजनीति में आज जहां
गुजरात और
हिमाचल से कुछ लोगों को
खुश और कुछ को परेशान करने वाली खबरें आ रही हैं, वहीं खेल जगत से आ रही एक खबर तमाम क्रिकेट प्रेमी को निराश करने वाली है। पाकिस्तान की टीम पांच साल के अंतराल के बाद भारत आ रही है। पड़ोसी टीम यहां तीन वनडे और दो टी-20 मैच खेलेगी। लेकिन अटकलें हैं कि सचिन इस सीरीज से बाहर रखे जा सकते हैं।
मास्टर ब्लास्टर के नाम से मशहूर इस महान बल्लेबाज ने अब तक अपनी मर्जी से वनडे मैचों में हिस्सा लिया है। उन्होंने जब कहा तब बीसीसीआई ने उन्हें आराम दिया। लेकिन हालिया टेस्ट मैचों में घटिया प्रदर्शन के बाद अब उनकी यह हैसियत शायद ही कायम रहे।
सूत्रों की मानें तो बीसीसीआई और सेलेक्टर्स के बीच सचिन तेंडुलकर का मुद्दा इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। घरेलू सीरीज में हार से गुस्साए फैन्स लगातार तेंडुलकर के संन्यास की मांग कर रहे हैं। बोर्ड भी इसी चिंता में है कि क्या सचिन को पाकिस्तान के खिलाफ खेलाया जाए या वनडे टीम को भविष्य के लिए अभी से तैयार किया जाए।
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "मुझे नहीं लगता कि अब सचिन को वनडे टीम में रखना चाहिए। आप कपिल देव का उदाहरण ले लीजिए। कपिल जब अपने करियर की समाप्ति की ओर थे तब उन्होंने सिर्फ रिचर्ड हेडली के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए देर से संन्यास लिया था। इसका खामियाजा उभरते तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ को उठाना पड़ा।"
अधिकारी के मुताबिक यदि इस समय बीसीसीआई सचिन तेंडुलकर के करियर को लेकर कोई बैठक करता है तो उसमें कुछ कठोर फैसले लिए जा सकते हैं। बोर्ड के सदस्य चाहते हैं कि सेलेक्टर्स कुछ कड़े निर्णय लें। हालांकि, बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक सचिन तेंडुलकर को इस मसले पर जल्द ही सूचित किया जाएगा।
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