खेल डेस्क. मास्टर ब्लास्टर ने निराशाजनक तरीके से बिना मैदान पर लौटे वनडे क्रिकेट को अलविदा कह दिया। उनके इस फैसले ने उनके फैन्स की आंखों को जहां नम कर दिया है, वहीं उनके आलोचकों के मन में खुशी के बड़े लड्डू फूट रहे हैं।
महज 16 साल की उम्र में पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों के खिलाफ डेब्यू करते हुए तेंडुलकर की नाक से खून निकल आया था। बाउंसर चेहरे पर लगते ही सचिन जमीन पर लेट गए थे, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी थी। जब उनसे पूछा कि क्या वे आगे खेलना चाहते हैं? तो नन्हे से सचिन का जवाब था, "मैं खेलेगा।"
तब से लेकर लगातार 23 सालों तक उन्होंने शोएब अख्तर, ब्रेट ली, वसीम अकरम जैसे दिग्गज तेज गेंदबाजों के बाउंसर झेले। कई बार टीम को जिताने की कोशिश में उन्हें क्रैम्प्स भी हुए, लेकिन मुंबई के इस मराठा ने कभी उफ्फ तक नहीं की।
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