मुंबई. क्रिकेट की दुनिया में मोहिंदर अमरनाथ के बयान से भूचाल आ गया है। बीसीसीआई ने पूर्व क्रिकेटर और पूर्व चयनकर्ता मोहिंदर अमरनाथ के ताज़ा बयान की आलोचना की है। बोर्ड के पदाधिकारी और केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला ने कहा है कि बोर्ड सेलेक्टरों पर कोई दबाव नहीं डालता है। शुक्ला के मुताबिक अपना पद छोड़ने के बाद ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए। उनके मुताबिक सेलेक्टर निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होते हैं। वहीं, पूर्व सेलेक्टर अंशुमन गायकवाड़ ने कहा है कि बतौर सेलेक्टर उन पर कभी भी बोर्ड का दबाव नहीं रहा।
इससे पहले जिमी नाम से पुकारे जाने वाले अमरनाथ ने खुलासा किया है कि भारत के तीन सेलेक्टर इस साल की शुरू में ही महेंद्र सिंह धोनी से टेस्ट कप्तानी छीनना चाहते थे। यह खुलासा अमरनाथ ने खुद एक टीवी इंटरव्यू में किया है। अमरनाथ (
धोनी पर बरसे अमरनाथ, द्रविड़ ने क्रिकेटरों की काबिलियत पर उठाए सवाल) के मुताबिक, 'धोनी को हटाने के लिए बैठक में चर्चा हुई थी और लोग इसके लिए तैयार भी थे।' अमरनाथ के मुताबिक सेलेक्शन कमिटी की बैठक जनवरी में चेन्नई में हुई थी, जहां ऑस्ट्रेलिया से 0-4 से पिटने के बाद पांच में से तीन सेलेक्टर अमरनाथ, नरेंद्र हिरवानी और राजा वेंकट धोनी से कप्तानी छीनने के पक्ष में थे। सेलेक्शन कमिटी में 5 सदस्य होते हैं। इसका अर्थ है कि सेलेक्शन कमिटी में बहुमत धोनी के खिलाफ था। (
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लेकिन बीसीसीआई ने ऐन वक्त पर दखल देते हुए सेलेक्टरों की कोशिश को नाकाम कर दिया। अमरनाथ के मुताबिक, 'कुछ अंदरूनी कारणों के चलते ऐसा नहीं हो सका। मैं वजह के बारे में अभी बात नहीं करना चाहूंगा। लेकिन जब भी सही समय आएगा, मैं इसके बारे में देश के लोगों को बताऊंगा।'
ऐसा कहा जा रहा है कि सेलेक्शन कमिटी के फैसले को बीसीसीआई ने पलट दिया था। बीसीसीआई के पदाधिकारी ने अमरनाथ को बोर्ड के संविधान का हवाला देते हुए बताया था कि सेलेक्टरों के फैसले को बोर्ड पलट सकता है। लेकिन अमरनाथ ने इस बात न तो पुष्टि की और न ही इनकार किया। अमरनाथ ने सेलेक्टरों को धोनी से कप्तानी छीनने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, 'भारतीय राजनीति और क्रिकेट में एक जैसी चीजें होती हैं। कुछ लोग हैं जो खेल पर नियंत्रण रखते हैं और अन्य लोग कोई भी स्टैंड लेने से डरते हैं।' गौरतलब है कि बीसीसीआई के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन आईपीएल की टीम चेन्नई सुपर किंग्स के मालिक हैं। धोनी इस टीम के कप्तान भी हैं।
अमरनाथ ने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर उन्हें धोनी (
EXPOSED: टीम हो रही थी शर्मसार, धोनी लगा रहे थे 'ठुमके') से कोई शिकायत नहीं है। लेकिन उन्होंने कहा कि भारत का कप्तान उसी खिलाड़ी को होना चाहिए जो अपने खेल के दम पर टीम में जगह का दावेदार हो। इस बारे में जिमी ने कहा, 'मुझे लगता है कि धोनी से टेस्ट कप्तानी ले ली जानी चाहिए। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में कोई कमाल नहीं किया है। कप्तान की जगह टीम में पक्की होनी चाहिए। मैं टेस्ट टीम में उनकी जगह पक्की नहीं देखता। उनके पास टेस्ट के लायक तकनीक ही नहीं है।'
टीम से निकाले जाने के बाद खुद अमरनाथ ने सेलेक्टरों को क्या कहा था, जानने के लिए आगे की स्लाइड देखें: