अमरोहा क्षेत्र में स्थानीय क्रिकेट टूर्नामेंटों अहम आयोजन होती हैं। टूर्नामेंटों के दौरान पूरी टीम से ज्यादा चर्चा उन्हीं की रहती थी। अक्सर स्थानीय टूर्नामेंटों में मैं कमेंट्री करता। कई बार बल्लेबाजों को उनकी गेंद का मुकाबला करते हुए पिच पर गिरते देखा है। सिम्मी को गेंदबाजी करते हुए देखकर लगता था कि उसका स्थान कहीं ओर है। सिम्मी के अब्बा तौसीफ अहमद को भी यह बात समझ आ गई थी कि उनके बेटे को अगर दिशा मिले तो वह बहुत आगे जा सकता है। शायद यही वजह थी कि इलाके के अन्य बाप जहां अपने बच्चों को मैदान से लौटने पर गालियां देते वहीं सिम्मी के अब्बा कई बार उसका मैच देखने मैदान तक पहुंचते।