सिम्मी के बड़े भाई हसीब अहमद भी स्थानी टूर्नामेंटों में उनके साथ खेलते थे। हसीब याद करते हैं, 'सिम्मी की स्पीड ही उसका सबसे बड़ा हथियार थी। कई टूर्नामेंटों में वो सिर्फ अपनी गेंदबाजी की बदौलत अकेला मैच जिता देता। गेहूं के कटे खेतों में क्रिकेट खेलने वाला हमारे सिम्मी की गेंदबाजी का तूफान अब टीम इंडिया के लिए दिखेगा, इससे बड़ी बात हमारे और अमरोहा के लिए और कोई नहीं हो सकती।'