सिर्फ रैना की मां ही नहीं, बल्कि उनके पिता का भी इस पहाड़ी इलाके से गहरा संबंध है। रैना के दादाजी और उनका परिवार श्रीनगर के पास स्थित रैनावाड़ी गांव में रहा करता था। उनके दादाजी सत्यार्थी रैना अपने परिवार को छोड़कर उत्तर प्रदेश के बरेली शहर चले गए थे।