खेल डेस्क. आतंकवादियों ने देश में दहशत फैलाने के लिए अब नए तरीके अपनाना शुरू कर दिया है। श्रीनगर में क्रिकेटर बन कर आतंकी घुसे और जवानों का खून बहा कर चले गए।
इस वाकये ने पूरे देश को दहला दिया है। मासूम खिलाड़ियों की आड़ में मौत का ऐसा गंदा खेल भी खेला जा सकता है, शायद इसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। लेकिन आतंकियों ने यह कर दिखाया।
41 साल पहले भी आतंकियों ने खेल को अपना निशाना बनाया था। तब उन्होंने दहशत फैलाते हुए इजरायल की पूरी ओलिंपिक टीम को मौत के घाट उतार दिया था।
1972 में हुए म्यूनिख ओलिंपिक के उस भयानक मंजर को शायद ही कोई खेलप्रेमी भुला सका हो।
खेल के इतिहास में यह पहला मौका था जब आतंक ने रंग में भंग कर दिया। फिलिस्तीनी गुट ब्लैक सितंबर ने अपने साथियों को जेल से रिहा करवाने के लिए इजरायल की ओलिंपिक टीम को बंदी बना लिया था। जब उससे भी बात नहीं बनी तो उन्होंने सभी 11 एथलीट्स को बर्बरता से मौत की नींद सुला दिया।
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