नागपुर. भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज़ में इंग्लैंड जीत गया है (
पढि़ए, हार के विलेन)। रविवार को मैच के दौरान टीम इंडिया के उभरते हुए क्रिकेटर विराट कोहली मैदान पर आपा खो बैठे और इंग्लैंड के क्रिकेटर जोनाथन ट्रॉट से कहासुनी में उलझ गए।
अंपायर कुमार धर्मसेना ने इशांत शर्मा की गेंद पर ट्रॉट के खिलाफ कैच की अपील को खारिज कर दिया था। अंपायर के इस फैसले पर विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी ने भी चिल्लाकर कम ऑन कहा और अपनी झल्लाहट जाहिर की। इसके बाद विराट कोहली ट्रॉट के नजदीक आ गए और उनसे कहासुनी करने लगे। इसके बाद दूसरे अंपायर रॉड टकर ने धोनी को बुलाकर बातचीत की।
ट्रॉट ने मैदान पर भले ही खेल भावना को धता बताकर सिर्फ अपने फायदे की बात सोची हो, लेकिन ब्रिटिश मीडिया उनका समर्थन कर रही है। ब्रिटेन की समाचार वेबसाइट 'द टेलीग्राफ' ने ट्रॉट का एक तरह से बचाव किया है। वेबसाइट ने पूरे मामले में भारतीय क्रिकेटरों को निशाने पर लिया है। टेलीग्राफ ने अपनी रिपोर्ट में ट्रॉट के रवैये का समर्थन करते हुए लिखा है, 'भारत के स्पिनर जडेजा के हाथों से फिसली गेंद पर चौका लगाकर ट्रॉट ने भारतीयों को नाराज कर दिया। हालांकि, ऐसी गेंद पर शॉट लगाना क्रिकेट के नियमों में सही माना गया है।'
टेलीग्राफ ने अपनी रिपोर्ट में आगे लिखा है, 'इशांत शर्मा ट्रॉट के साथ बहस में उलझ गए। लेकिन इसके बाद ट्रॉट ने अपना बल्ला संभाला और वे भारतीय फील्डरों को किस का इशारा करते दिखे। इससे विराट कोहली भड़क गए। कोहली ट्रॉट और अंपायर रॉड टकर से उलझ गए। इंग्लैंड के खिलाड़ियों को अन्य भारतीय बल्लेबाजों की तुलना में कोहली को आउट करने में ज़्यादा मजा आता है क्योंकि इंग्लिश क्रिकेटर कोहली के झगड़ा करने की आदत को उनका घमंड समझते हैं।' टेलीग्राफ के मुताबिक सोमवार को मैच खत्म होने के बाद मैच रेफरी कोहली के बर्ताव पर विचार कर सकते हैं। लेकिन रिपोर्ट में कोहली पर ताना कसते हुए लिखा गया है कि अगर कोहली पर जुर्माना भी लगता है तो भी कोहली को कोई फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि वे आईपीएल में बहुत पैसे कमाते हैं।
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