खेल डेस्क. युवा सनसनी विराट कोहली ने नागपुर टेस्ट में शतक लगा कर अपने आलोचकों को करारा जवाब दे दिया। उन्होंने वीसीए स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ जब सचिन तेंडुलकर, वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर जैसे टीम के सीनियर बल्लेबाज सस्ते में आउट हो गए, तो ऐसे मुश्किल वक्त में उन्होंने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ मिल कर एक शानदार पारी खेली।
अपनी पारी के बाद विराट ने कहा, 'मैं ऐसी लंबी पारी के इंतजार में था। पिछले एक महीने से मैं काफी मेहनत कर रहा था। आप हर पारी में अच्छा नहीं खेल सकते, उतार-चढ़ाव आते रहते हैं लेकिन अहम यह कि आपकी सोच सकारात्मक ही रहे और यही मैंने किया।'
कोहली ने धोनी के साथ मिल कर 198 रन से अधिक रनों की पार्टनरशिप निभाई। यही नहीं, उनकी पारी में वही परिपक्वता नजर आई, जिसकी तलाश मेजबान टीम पूरी सीरीज में कर रही थी।
हालांकि, कप्तान धोनी थोड़े अनलकी रहे और 99 रन के स्कोर पर रन आउट हो कर पवेलियन लौटने को मजबूर हो गए।
अहमदाबाद, मुंबई और फिर कोलकाता में भी फ्लॉप होने के बाद विराट कोहली पर टेस्ट टीम से बाहर होने का खतरा मंडराने लगा था। सभी दिग्गज उन पर सवाल उठा रहे थे कि वनडे में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद वे टेस्ट में क्यों फेल हो रहे हैं। उनकी लंबी पारी खेलने की तकनीक और टेस्ट टेम्परामेंट पर प्रश्नचिह्न लग गया था।
दिल्ली के स्टाइलिश बल्लेबाज ने हर क्रिटिक का जवाब अपने बल्ले से दे दिया।
कोहली साल 2012 में भारत के लिए सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उनसे ज्यादा रन सिर्फ ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल क्लार्क ने बनाए हैं।
आगे क्लिक कर देखिए, कैसे कोहली ने नागपुर में बचाई लाज और साल 2012 को बनाया और खास...