कुश्ती में एक बार फिर चमका भारत

लंदन. भारत के योगेश्वर दत्त ने यहां चल रहे ओलिंपिक में कांस्य पदक जीत लिया है। इस तरह योगेश्वर ने लंदन में देश को पांचवां और कुश्ती में पहला पदक दिलाया। उन्होंने कुश्ती के 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल में उत्तर कोरिया के जॉग मियांग री को 3-1 से पटखनी देकर भारत को यह ख़ुशी दी।
उन्होंने रेपेचेज राउंड में जॉन मियांग को अपनी फितले टेक्निक से ऐसा फंसाया कि कोरियाई पहलवान संभल नहीं सके। दत्त ने एक घंटे में तीन कुश्तियां शानदार तरीके से अपने नाम की।
क्या होती है फितले टेक्निक: विरोधी खिलाड़ी के दोनों पैरों को अपनी ग्रिप से लॉक कर ऐसा घुमाना कि वह सिर्फ रोल (घूमता ) होता रहे और खुद को छुड़ा न सके।
इस जीत के साथ ओलिंपिक में भारत के पदकों की संख्या पांच हो गई है। शूटिंग में विजय कुमार ने रजत और गगन नारंग ने कांस्य पदक पर निशाना लगया था। बैडमिंटन में साइना नेहवाल और बॉक्सिंग में मैरीकोम ने एक-एक ब्रॉंज जीता। यह भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
क्या होता रेपेचेज मुकाबला:फाइनल में पहुंचने वाले पहलवान से हारे हुए पहलवानों के बीच कांस्य पदक के लिए जो मुकाबला होता है, उसे रेपेचेज राउंड कहते हैं।
योगेश्वर ने पहले राउंड में पुरटो रीको के फ्रेंकलिन गोमेज 3-0 से, दूसरे राउंड में ईरान के मसूद इस्माइल को 3-1 से पराजित किया। इसके बाद उत्तर कोरिया के पहलवान को हरा कांस्य पदक अपनी झोली में डाला। इससे पूर्व योगेश्वर दत्त क्वालीफिकेशन राउंड जीत कर प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबले में रूस के पहलवान से सीधे सेटों में हार गए थे।
कुश्ती में तीसरा ओलिंपिक मेडल: 1952 हेलसिंकी ओलिंपिक में केडी जाधव ने पहली बार देश को कुश्ती का ओलिंपिक (कांस्य) पदक दिलाया। इसके बाद बीजिंग ओलिंपिक 2008 में योगेश्वर के गुरु भाई सुशील कुमार ने भी कांसा जीता था।







