OLYMPIC: मेडल पर मुक्का नहीं लगा सके विजेंदर, देश लौटीं साइना
लंदन. भारत की हॉकी टीम का निराशाजनक प्रदर्शन आखिरी लीग मैच तक जारी रहा। आखिरी मुकाबले में बेल्जियम ने भारत को 3-0 से पटखनी दी।
ओलिंपिक के मेन्स डिस्कस थ्रो मुकाबले में विकास गौड़ा पदक जीतने में कामयाब नहीं रह सके। फाइनल राउंड में खराब थ्रो के कारण वे पदक से दूर रह गए। जर्मनी के रोबर्ट हार्टिग को गोल्ड मेडल मिला।
बैडमिंटन में कांस्य पदक जीतने वाली साइना नेहवाल मंगलवार को भारत पहुंची। साइना का दिल्ली एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत हुआ। फिर हैदराबाद पहुंचने पर उनका और शानदार स्वागत हुआ। खुले ट्रक में कोच के साथ साइना का विजय जुलूस निकाला गया। हैदराबाद में हुए एक समारोह में साइना, उनके कोच गोपीचंद और उनके पिता को सम्मानित किया गया। साइना नेहवाल ने कहा कि वे अपने पिता से कहकर कर गई थी कि कि इस बार वो बिना पदक के वापस नहीं आएंगी।
साइना ने इस मौके पर कहा, 'ओलंपिक से पहले मैने कई खिताब जीते, मैं आत्मविश्वास से भरी हुई थी। लेकिन मैने ओलंपिक से पहले मीडिया में आकर कभी नहीं बोला कि मैं पदक जीतूंगी क्योंकि इससे खिलाड़ी पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ जाता है। मैने देखा है कि कई खिलाड़ी बोलते हैं कि मैं बहुत अच्छा खेलूंगा और ऐसा हो नहीं पाता है।'
साइना ने बताया कि ओलिंपिक में सेमीफाइनल में हारने के बाद वे काफी देर तक रोती रही थीं और इसे भूल नहीं पा रही थीं, लेकिन बाद में उन्होंने सोचा कि अब भी कांस्य पदक जीतने का मौका है।
कांस्य पदक के लिए हुए मैच में साइना की प्रतियोगी घायल होने के कारण मैच से हट गई थी। इस तरह मैच जीतने पर जब साइना से पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'उस मैच में मुझे खुद पर पूरा विश्वास था। मैं मैच के दौरान देख रही थी कि चीनी खिलाड़ी थक रही थी। जो हुआ दुखद है। मैं खुशकिस्मत थी। जो कुछ भी हुआ उस पर मुझे विश्वास नहीं हो रहा था। अगली बार मैं ओलिंपिक में और अच्छे आत्मविश्वास के साथ खेलूंगी।'
OLYMPIC: मैरीकॉम का पदक पक्का, विकास से भी मेडल की उम्मीद
ओलिंपिक में इतिहास रचने की तैयारी में हैं मैरीकॉम...
OLYMPIC : 9.63 सेकंड में सौ मीटर, बोल्ट ने बनाया नया रिकॉर्ड
साइना को कांस्य पदक, देवेंद्रो सिंह की शानदार जीत







