खेल डेस्क. सूमो पहलवान का नाम तो सुना ही होगा आपने। इस नाम को सुनते ही जहन में एक पहाड़नुमा पहलवान की तस्वीर जहन में तैर जाती है। सबको यह लगता है कि उनकी लाइफ मस्ती से भरी होती होगी। जो मर्जी आए खाओ, जब चाहो तब सो जाओ। कोई रोक टोक नहीं।
लेकिन हकीकत इससे बहुत अलग है।
सूमो पहलवान की जिंदगी क्रिकेटर और फुटबॉलर जैसे खिलाड़ियों से भी कहीं ज्यादा कठिन होती है। इस स्पोर्ट में माहिर बनने के लिए जो समर्पण और बलिदान पहलवानों को देना पड़ता है, वह दर्द कोई नहीं जानता।
dainikbhaskar.com अपने पाठकों के लिए लाया है इस खेल के खिलाड़ियों की जिंदगी और ट्रेनिंग से जुड़े खास फैक्ट्स।
आगे क्लिक कर देखिए, कैसे-कैसे दर्द को झेल कर सूमो पहलवान बनते हैं चैंपियन