खेल डेस्क. प्रतिद्वंद्वी पहलवान को धोबी पछाड़ और फितली पैंतरे के साथ ही सुशील कुमार ने रच दिया ओलिंपिक में इतिहास। दो ओलिंपिक में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने हमारे सुशील कुमार। भारत की मेडलों की संख्या बढ़ कर हुई 6। सभी भारतवासियों को अपने इन दो पहलवानों पर गर्व हो रहा होगा।
इन लाइनों को अखबार में छपे अभी एक साल भी नहीं गुजरा। 2012 में हुए लंदन ओलिंपिक में भारतीय दल को जिन दो शूरवीरों ने बुलंदी पर पहुंचाया, वे दोनों पहलवानी के धुरंधर थे। लेकिन अब 2020 में होने वाले ओलिंपिक खेलों में भारत की मेडल जीतने की उम्मीद सात साल पहले 2013 में ही खत्म हो गई। आईओसी ने पूरे खेल जगत को चौंकाते हुए ओलिंपिक खेलों से रेस्लिंग को बाहर कर दिया।
ओलिंपिक की सबसे बड़ी बॉडी आईओसी के इस फैसले ने भारतीय उम्मीदों को तगड़ा झटका दिया है। सिर्फ भारत ही नहीं, अमेरिका, जापान, चीन और कनाडा जैसे देश पहलवानी से मेडल जीतने की भरपूर कोशिश करते हैं। लेकिन अब धोबी पछाड़ और फितली जैसे पैंतरे ओलिंपिक खेलों के दौरान नहीं देखने को मिलेंगे।
पहलवानी में भारत ने मेडल जीते हैं यह बात तो देश का बच्चा-बच्चा जानता है, लेकिन दुनियाभर में पहलवानी के कौन-कौन से प्रकार हैं, इनसे बहुत कम ही लोग रूबरू हैं।
dainikbhaskar.com लेकर आया है पहलवानी की दुनिया की कुछ ऐसी ही रोचक जानकारी।
आगे क्लिक कर देखिए, कौन-कौन सी स्टाइल में पहलवान आजमाते हैं अखाड़े में अपना जोर...