आईपीएल का विरोध करने पर रणतुंगा को मिली सज़ा!

कोलंबो. श्रीलंका के दिग्गज पूर्व क्रिकेटर अर्जुन रणतुंगा को आईपीएल का विरोध करना बहुत भारी पड़ा था। श्रीलंका के एक अखबार 'द आईलैंड' ने दावा किया है कि रणतुंगा के प्रीमियर क्रिकेट टूर्नामेंट के खिलाफ होने से नाराज बीसीसीआई ने श्रीलंका सरकार पर दबाव बनाया था। जिसके बाद रणतुंगा को श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख के पद से हटा दिया गया था।
अखबार के अनुसार, इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने श्रीलंका को इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज खेलने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन 2009 में होने वाले आईपीएल टूर्नामेंट के कारण मैच का कार्यक्रम तय नहीं हो पा रहा था। श्रीलंका को 1996 के विश्व कप जितवाने वाले रणतुंगा इससे खफा हो गए और उन्होंने आईपीएल में खेल रहे अपने श्रीलंकाई खिलाड़ियों को वापस बुलाने के लिए दबाव भी बनाया।
इस मुद्दे के कारण भारतीय और श्रीलंकाई बोर्ड के बीच इस कदर ठन गई थी कि बीसीसीआई ने श्रीलंकाई अधिकारियों को इस पर चर्चा
के लिए बैंकॉक आने के लिए कहा था। श्रीलंकाई अखबार के मुताबिक, 2008 में हुई इस बैठक में पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी समेत वर्तमान अध्यक्ष एन श्रीनिवासन और सचिव निरंजन शाह ने भी इसमें हिस्सा लिया था। इस बैठक के कुछ समय के बाद रणतुंगा को श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी।
गौरतलब है कि रणतुंगा शुरू से ही आईपीएल के विरोधी रहे हैं और पिछले हफ्ते ही उन्होंने विवादास्पद बयान दिया था कि इस टूर्नामेंट से अच्छे खिलाड़ी पैदा नहीं होंगे।






