खेल डेस्क. आईसीसी महिला वर्ल्ड कप 2013 के खिताब पर ऑस्ट्रेलिया ने कब्जा जमाया। मुंबई में हुए फाइनल मैच में जोडी फील्ड्स की अगुवाई वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम ने वेस्ट इंडीज को 114 रन के अंतर से मात दी।
ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम ने छठी बार वर्ल्ड कप खिताब जीता है। इससे पहले 1977, 1981, 1988, 1997 और 2004 में कंगारू महिलाओं ने यह टाइटल जीता था।
वैसे तो मीडिया में महिला क्रिकेट की चर्चा बहुत ही कम होती है, लेकिन वर्ल्ड कप के आंकड़े इस बात को साबित करते हैं कि कंसिस्टेंसी के मामले में महिलाएं सबसे आगे हैं।
ऑस्ट्रेलिया की पुरुष टीम ने आज तक कुल 4 बार वर्ल्ड कप जीता है, जबकि महिला टीम ने यह कारनामा 6 बार किया है। मैन्स वर्ल्ड कप में आज तक कोई भी टीम 6 बार टाइटल नहीं जीत पायी है।
मुंबई के ब्रेबॉर्न स्टेडियम में हुए फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 259 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। जैस कैमरन ने 8 चौकों और 2 छक्कों से सजी 75 रन की पारी खेल कर प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड जीता।
जब ऑस्ट्रेलिया की महिलाएं बॉलिंग के लिए उतरीं तब उन्होंने कैरेबियाई टीम को रन बनाने का कोई मौका नहीं दिया। एलिस पैरी ने कुल 19 रन देते हुए 3 विकेट चटकाए, तो लीसा स्थालेकर, मीगन शट और एरिन ऑसबॉर्न ने 2-2 शिकार करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 43.1 ओवरों में ही जीत दिला दी।
259 रन के जवाब में वेस्ट इंडीज की लड़कियां कुल 145 रन पर ही ढेर हो गईं।
ऑस्ट्रेलिया की इस दबंग-स्टाइल जीत ने यह दिखा दिया कि वर्ल्ड कप खिताब जीतने के मामले में वे अपने पुरुष साथियों से बेहतर हैं।
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