फिर से 'ढक्कन' बने डेक्कन चार्जर्स, बर्बाद हुई कप्तान की कुर्बानी
Dainikbhaskar.com
| Apr 30, 2012, 11:14AM IST

अंकतालिका में सबसे नीचे चल रही डेक्कन चार्जर्स का प्रदर्शन सुधारने के लिए कप्तान कुमार संगकारा ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया था। बुरे फॉर्म से जूझ रहे संगकारा ने खुद को अंतिम एकादश से बाहर रखा। संगकारा को लगा कि शायद इससे टीम बेहतर प्रदर्शन कर सके। लेकिन कप्तान की यह कुर्बानी भी बर्बाद हुई।
पार्थिव पटेल, जेपी डुमिनी, कैमरन व्हाइट और डेल स्टेन जैसे स्टार खिलाड़ियों से सजी यह टीम अबतक खेले 8 मुकाबलों में से 6 हार चुकी है। डेल स्टेन को छोड़कर कोई अन्य खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करने में विफल हो रहा है।
गत 26 अप्रैल को पुणे वारियर्स के खिलाफ मुकाबले में डेक्कन ने टूर्नामेंट की पहली जीत हासिल की थी। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के कैमरन व्हाइट ने बेहतरीन 78 रन की पारी खेली थी।
व्हाइट के इस प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए संगकारा ने मुंबई के खिलाफ मुकाबले में बाहर बैठना बेहतर समझा। जैसे ही डेक्कन चार्जर्स की अंतिम एकादश का ऐलान हुआ चारों ओर संगकारा के इस फैसले की सराहना होने लगी।
संगकारा ने पिछले पांच मैचों में 16.60 की खराब औसत से कुल 83 रन बनाए हैं। इसी लिए उन्होंने टीम के हित में यह निर्णय लिया।
लेकिन चार्जर्स के बल्लेबाज एक बार फिर फेल हुए। शिखर धवन (29 रन), डुमिनी (25 रन), पार्थिव पटेल (19 रन) और आशीष रेड्डी (10 रन) के अलावा कोई अन्य बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा तक पार नहीं कर सका।
लासिथ मलिंगा और हरभजन सिंह ने मिलकर चार्जर्स के बल्लेबाजों का पिच पर टिकना मुश्किल कर दिया। मलिंगा ने महज 16 रन देकर चार विकेट झटके। वहीं कप्तान भज्जी ने 13 रन देकर 2 विकेट हासिल किए।







