धोनी और सहवाग के बीच 'दुश्मनी' है पुरानी
Source: Dainikbhaskar.com | Last Updated 10:51(23/02/12)
खेल डेस्क. टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और वीरेंद्र सहवाग के बीच मदभेद अब खुलकर सामने आने लगा है। भारतीय ड्रेसिंग रूम में कप्तानी को लेकर कितनी खींचातानी है वो कभी सहवाग तो कभी धोनी अपने बयानों से जाहिर कर देते हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ जो अप्रैल 2011 में वर्ल्डकप जीतने वाली टीम एकाएक दो फाड़ हो गई?
सहवाग और धोनी के बीच एकदम से दूरी नहीं आई है। इस फूट के बीज पांच साल पहले ही डल गए थे। 2007 में जब राहुल द्रविड़ ने वनडे टीम की कमान छोड़ी, तब वीरेंद्र सहवाग को बताया गया था कि उन्हें अगला कप्तान बनाया जाएगा। वीरू इस बात से बहुत खुश थे। लेकिन खराब फॉर्म ने उनका कप्तानी का सपना तोड़ दिया।
सहवाग की किस्मत खराब रही। उनके बल्ले ने रन बनाना उस समय बंद कर दिया जब उनके सामने कप्तानी का मौका था। 2007 में कप्तानी तो छोड़िए सहवाग टीम में अपनी जगह तक पक्की रख पाने की स्थिति में नहीं थे। जैसे तैसे उन्हें एकादश में बरकरार रखा गया।
इसका पूरा फायदा धोनी को मिला। युवा विकेटकीपर बल्लेबाज को चयनकर्ताओं ने टीम की कमान सौंप दी। पहले धोनी को टी-20 वर्ल्डकप में आजमाया गया। धोनी ने चमत्कारिक प्रदर्शन करते हुए टीम का वर्ल्डकप खिताब जिता दिया।
सहवाग का खराब फॉर्म देखते हुए चयनकर्ताओं ने धोनी पर भरोसा जताया और उन्हें वनडे टीम की कमान भी सौंप दी।
2007 वर्ल्डकप में पहली बार दिखी फूट
वीरेंद्र सहवाग और महेंद्र सिंह धोनी की बल्लेबाजी में कुछ खास फर्क नहीं है। जब ये दोनों सूरमा रंग में होते हैं तो विपक्षी गेंदबाजों की खैर नहीं होती। अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से धोनी और सहवाग किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को बौना साबित कर सकते हैं।
इन दोनों दिग्गजों के बीच पहली अनबन की बात साल 2007 में हुए टी-20 वर्ल्डकप के दौरान सामने आई थी। धोनी ने सहवाग के ऊपर युवा बल्लेबाज यूसुफ पठान को तवज्जो देकर सहवाग से रिश्ते खराब किए थे।
ऑस्ट्रेलिया में फिर घुली कलह
साल 2008 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर सीबी सीरीज के दौरान धोनी ने सहवाग को बाहर बैठाया। धोनी का कहना था कि सहवाग पूरी तरह फिट नहीं हैं, जबकि सहवाग ने इस बात का खंडन किया था। इस टूर्नामेंट के फाइनल में धोनी ने सहवाग के स्थान पर रोबिन उथप्पा को एकादश में शामिल कर झगड़े की आग में घी डाल दिया।
टी-20 वर्ल्डकप में फिर मचा बवाल
साल 2009 में हुए टी-20 वर्ल्डकप में सहवाग कंधे की चोट को छिपाकर टीम में शामिल हुए। इस पूरे ड्रामे के कारण धोनी सार्वजनिक सफाई देनी पड़ी कि टीम में कोई मतभेद नहीं है।
वर्ल्डकप के बाद सहवाग ने अपने एक बयान से विवाद को भड़का दिया। सहवाग ने उप-कप्तान बनने से यह कहकर इनकार कर दिया कि वो कप्तानी के लिए तैयार हैं, इसलिए उपकप्तान क्यों बनें।