धोनी का किस्मत कनेक्शन - बस जीते 8 मैच, कर ली फाइनल में एंट्री

खेल डेस्क.महेंद्र सिंह धोनी कितने भाग्यशाली हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज 8 मैच जीतकर उनकी टीम आईपीएल-5 के फाइनल में पहुंच गई। चेन्नई सुपरकिंग्स टूर्नामेंट से ग्रुप दौर में ही बाहर होने की कगार पर खड़ी थी। लेकिन कप्तान की किस्मत ने परिस्थितियों को ऐसा बदला कि टूर्नामेंट का समीकरण ही पलट गया।
पहला लक - प्ले ऑफ में स्थान
चेन्नई टीम को फाइनल तक पहुंचाने में खिलाड़ियों की मेहनत के साथ-साथ कप्तान धोनी की किस्मत का भी बड़ा हाथ रहा। पूरे टूर्नामेंट में फ्लॉप रही डेक्कन चार्जर्स की टीम से किसी को उम्मीद नहीं थी कि वो क्रिस गेल और विराट कोहली जैसे स्टार खिलाड़ियों के बावजूद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को बाहर कर देगी। अंतिम ग्रुप मुकाबले में डेक्कन चार्जर्स ने बेंगलुरु को हराया। चेन्नई का प्लेऑफ में पहुंचना इसी मैच के नतीजे पर निर्भर था। धोनी के लक ने स्थिति को चेन्नई के पक्ष में कर दिया।
दूसरा लक - दिल्ली पर जीत
पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही दिल्ली की टीम अंतिम मोर्चे पर आकर फिसल गई। जिस टीम का कप्तान लगातार पांच अर्धशतक लगाकर विस्फोटक फॉर्म में था, उस टीम की बल्लेबाजी क्रम को चेन्नई ने धराशाई कर दिया। इसमें खिलाड़ियों की मेहनत के साथ धोनी की किस्मत का भी बड़ा हाथ रहा। धोनी की टीम ने मुश्किल से मुश्किल मौके को परिणाम में परिवर्तित कर दिया। वहीं बल्लेबाजी के दौरान भी चेन्नई को कई जीवनदान मिले।
तीसरा लक - धोनी की टीम ने रोका तो विकेट, सहवाग ने रोका तो छक्का
दिल्ली और चेन्नई के बीच मुकाबले में सबसे आश्चर्यजनक बात रही कैच और छक्के के बीच का खेल। चेन्नई की बल्लेबाजी के दौरान जब मुरली विजय ने सहवाग की गेंद पर हवाई शाट खेला, तो गेंद को बाउंड्री पर खड़े रोस टेलर ने लपक लिया। लेकिन संयोग से उनका पैर बाउंड्री पर पड़ चुका था। इसलिए दिल्ली को विकेट मिलने के बजाए चेन्नई को 6 रन मिल गए। वहीं जब ऐसी परिस्थिति दिल्ली की बल्लेबाजी के दौरान बनी तो दिल्ली का बल्लेबाज कैच आउट हो गया।





