'सचिन की टीम के लिए मोदी ने लगायी थी खास 'जुगाड़', तभी चमकी मुंबई'
Source: Agency | Last Updated 12:21(08/02/12)
नई दिल्ली. पिछले चार साल में आईपीएल में कितने घोटाले हुए हैं, वो एक बार फिर सामने आने लगे हैं। एक आईपीएल अधिकारी ने दावा किया है कि पूर्व आयुक्त ललित मोदी ने आईपीएल नीलामी में टाइब्रेकर का प्रावधान सिर्फ मुंबई इंडियंस की मदद करने के लिए लाया था। मोदी साल 2010 में मुंबई टीम की मदद करना चाहते थे ताकि वो कीरॉन पोलार्ड को खरीद सकें।
ईएसपीएन क्रिकइंफो से बातचीत के दौरान ललित मोदी ने कहा था, "सभी फ्रेंचाइजी कितना पैसा खर्च कर सकती हैं इसकी एक सीमा तय की गई थी। ताकि सभी को बराबरी से मौका मिले इसलिए हमने टाइब्रेकर का नियम लागू किया। यह बहुत रिसर्च के बाद लाया गया है। जब निर्धारित धनराशि की सीमा पार होने के बावजूद एक खिलाड़ी के लिए लगातार दो टीमें बोली लगा रही होती हैं तब इस नियम को लागू किया जाता है।"
बहरहाल फ्रेंचाइजी के अधिकारी ने मोदी की बात पर असहमति जतायी है। अधिकारी ने कहा, "सच्चाई यह है कि आईपीएल में पक्षपात हुआ है। यदि आप टाइब्रेकर जैसा नियम बनाते हो तो इसका मतलब यही हुआ कि आप कुछ खास फ्रेंचाइजी के हक में नतीजे चाहते हो। यह नियम ललित मोदी ने ही बनाए हैं। टाइब्रेकर का नियम कीरॉन पोलार्ड को मुंबई इंडियंस के साथ जोड़ने के लिए किया गया था।"