खेल डेस्क. राहुल द्रविड़ मेलबॉर्न टेस्ट की दोनों पारियों में क्लीन बोल्ड हुए। द्रविड़ के इस अंदाज ने भारतीय बल्लेबाजी की दीवार में छेद होने की ओर इशारा किया है।
द्रविड़ अपने 161 मैचों के टेस्ट करियर में चौथी बार किसी मैच की दोनों पारियों में बोल्ड हुए हैं। इससे पहले वह वर्ष 2007 में नई दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ दोनों पारियों में अपनी गिल्लियां नहीं बचा सके थे।
द्रविड़ के दोनों पारियों में क्लीन बोल्ड होने पर पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज माइकल स्लेटर ने चुटकी लेते हुए कहा, "द्रविड़ टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले दूसरे नंबर के बल्लेबाज हैं। लेकिन मेलबॉर्न टेस्ट में द्रविड़ की ठोस बल्लेबाजी में दरार दिखायी दी है। वो इस मुकाबले में दूसरी बार बोल्ड आउट हुए। पहले हिल्फेनहास और दूसरी बार जेम्स पेटिन्सन ने द्रविड़ को ऐसे आउट किया।"
पहली पारी में पीटर सिडल ने भी द्रविड़ को क्लीन बोल्ड कर दिया था। हालांकि वो गेंद नोबॉल हो गई थी और द्रविड़ आउट नहीं हुए।
राहुल द्रविड़ साल 2011 में भारत के लिए सबसे सफल बल्लेबाज रहे हैं। इस साल खेले 12 मुकाबलों में द्रविड़ ने 57.25 की औसत से 1145 रन बनाए हैं। इसमें 5 शतक और 4 अर्धशतक शामिल हैं।
मेलबॉर्न टेस्ट में भी द्रविड़ ने पहली पारी में बेहतरीन अर्धशतक लगाया। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज द्रविड़ का डिफेंस भेदने में कामयाब जरूर हुए हैं, लेकिन मिस्टर भरोसेमंद द्रविड़ उनकी काट जरूर खोज लेंगे।