खिलाडिय़ों के लिए मौत का आमंत्रण था क्रिकेट का यह नियम
Bhaskar Network | May 20, 2012, 11:27AM IST

क्रिकेट की शुरुआत में ऐसा ही एक अजीबो-गरीब नियम था, जिसके चलते कई खिलाड़ी जख्मी हुए, तो कुछ ने जानें गंवाईं। वह नियम था- बल्लेबाज को गेंद को दो बार हिट करने की छूट मिलना। इसके चलते बल्लेबाज के पास फील्डिंग करना बहुत ही खतरनाक हो गया था और 1624 में पूर्वी ससेक्स स्थित होस्र्टेड केंस में एक क्षेत्ररक्षक जैस्पर विनल की मौत भी हो गई।
मैच के दौरान विनल, बल्लेबाज एडवर्ड टाई को कैच करने की कोशिश कर रहे थे, उसी समय टाई ने कैच आउट होने से बचने की कोशिश में गेंद को दोबारा हिट किया। बल्ला विनल को लगा, उनका सिर बुरी तरह फट गया, जो उनकी मृत्यु का कारण बना। यह मामला मृत्यु समीक्षक की अदालत में दर्ज हुआ, जहां फैसले में इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना माना गया।
ऐसी ही दुखद घटना की पुनरावृत्ति 1647 में और हुई, जब पश्चिमी ससेक्स के सेल्से में एक बल्लेबाज द्वारा गेंद को दोबारा हिट करते समय हेनरी ब्रांड नामक खिलाड़ी ने जान गंवाई। 1600 से 1744 तक, तकरीबन 150 साल तक यह नियम क्षेत्ररक्षकों के लिए आफत बना हुआ था। 1744 में जब पहला क्रिकेट विधान बनाया गया, तब गेंद को दो बार मारना गैर-कानूनी हो गया और इस नियम को तोडऩे पर बल्लेबाज को आउट कर देने का प्रावधान बना।
हालांकि नए क्रिकेटीय कानून बनने के पहले भी चर्च ने अपने स्तर पर इस नियम का हवाला देते हुए लोगों को क्रिकेट से दूर रखने की कोशिश की थी। 5 मई 1622 को पश्चिम ससेक्स स्थित चिशेस्टर के पास बॉक्सग्रोव के पल्लिवासियों पर गिरजाघर के कब्रिस्तान में क्रिकेट खेलने के लिए मुकदमा चलाया गया था।
मुकदमा चलाने के तीन कारण थे। पहला कारण बताया गया था- दो बार हिट करने वाले नियम के चलते क्रिकेट के बल्ले की चोट से छोटे बच्चे का भेजा बाहर आ सकता है। दूसरा कारण था- इससे गिरजाघर की खिड़कियां टूट सकती हैं। तीसरा कारण गिनाया गया था- इससे एक स्थानीय उप-नियम का उल्लंघन होता था।





