SANIA: ...फिर भी सानिया होती रहीं हर बात पर बदनाम

खेल डेस्क.स्पोर्ट्स में वुमेन प्लेयर्स को किस तरह देखा जाता है, इस बात की झलक लंदन ओलिंपिक के लिए भारतीय टेनिस टीम के चयन के दौरान देखने को मिल गई। देश की नंबर 1 टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा को संघ ने किसी चारे की तरह इस्तेमाल किया। लिएंडर पेस को विष्णुवर्धन के साथ खेलने को राजी करने के लिए AITA ने उन्हें सानिया के साथ जोड़ी बनाने का लालच दिया। इस बात ने सानिया के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई है।
महज 17 साल की उम्र से देश के लिए खेल रहीं सानिया ने हाल ही में फ्रेंच ओपन खिताब जीत कर एक बार फिर गर्व करने का अवसर दिया। उन्होंने महेश भूपति के साथ मिल कर ग्रेंड स्लेम जीता, लेकिन इसके बावजूद संघ ने उन्हें एक बधाई पत्र तक नहीं भेजा। उलटा उनका पेस और भूपति के बीच झगड़े को खत्म करने के लिए इस्तेमाल किया।
यह पहली बार नहीं है जब अच्छे प्रदर्शन के बावजूद सानिया को नीचा देखना पड़ा है। सानिया पिछले एक दशक से लगातार भारत की नंबर 1 महिला टेनिस खिलाड़ी बनी हुई हैं। वर्ल्ड रैंकिंग में 27वें पायदान तक पहुंचने का कारनामा करने वाली सानिया को हमेशा आलोचना का शिकार होना पड़ा।
आइए एक नजर डालते हैं सानिया की उपलब्धियों और उनके साथ हुई बेइंसाफी पर...






