गांगुली पर चला डंडा: कप्तानी गई, बाकी मैचों से भी किया गया बाहर

पुणे. आईपीएल-5 में खराब कप्तानी और घटिया बल्लेबाजी के चलते मुश्किल झेल रहे सौरव गांगुली की पुणे वॉरियर्स टीम से छुट्टी हो गई है। रॉयल चैलेंजर्स के खिलाफ आज पुणे में हो रहे मैच में सौरव टीम में शामिल नहीं हैं। सौरव की जगह स्टीव स्मिथ कप्तानी कर रहे हैं। स्मिथ से जब पूछा गया कि सौरव आज क्यों नहीं खेल रहे हैं तो उन्होंने जवाब दिया कि गांगुली ने आज आराम करने का फैसला किया है। इस मुद्दे पर एक टीवी चैनल से बात करते हुए सहारा ग्रुप के प्रमुख सुब्रत रॉय ने कहा, 'सौरव ने युवा खिलाड़ियों को मौका देने का फैसला किया है। इसी वजह से वे अब नहीं खेल रहे हैं। गांगुली अगले आईपीएल से पुणे वॉरियर्स के मेंटर होंगे।'
हालांकि, मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक पुणे वॉरियर्स टीम प्रबंधन ने गांगुली से कप्तानी छीन ली है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सहारा टीम प्रबंधन ने सौरव के बतौर खिलाड़ी आईपीएल करियर पर 'पर्दा' डाल दिया है?
गांगुली ने शुक्रवार को खेले गए मैच से पहले कहा था, 'मैं पूरे सीजन के लिए टीम का कप्तान हूं और अंतिम मैच तक रहूंगा। टीम के कप्तान को टीम में अपनी जगह बनाए रखने के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन करते रहना जरूरी है लेकिन सिर्फ उनकी ही खराब फॉर्म को टीम की हार के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।'
गांगुली के मुताबिक, 'इसमें कोई शक नहीं है कि कप्तान को ही सबसे आगे रहते हुए टीम का नेतृत्व करना होता है लेकिन क्रिकेट एक टीम स्पोर्ट है जिसमें जीत के लिए सभी खिलाड़ियों का अच्छा प्रदर्शन जरूरी है। किसी अन्य खिलाड़ी की ही तरह कप्तान को भी अच्छा प्रदर्शन करना चाहिए लेकिन वो भी इंसान ही होता है और कभी कभी नाकाम हो सकता है। कभी-कभी ऐसा भी होता है जब कप्तान फॉर्म में नहीं होता लेकिन टीम जीतती है। भारत ने पिछले साल विश्वकप जीता जरूर लेकिन कप्तान धोनी अंतिम मैच तक फॉर्म में नहीं थे।'
गौरतलब है कि गांगुली ने आईपीएल 5 की 13 पारियों में मात्र 261 रन ही बनाए हैं और इस खराब फॉर्म को लेकर उनकी खूब आलोचना भी हो रही है। सौरव गांगुली की टीम अब फाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी है, ऐसे में उन्होंने भी खुद को बाकी मैचों से बाहर रखने का फैसला लिया है। बेंगलुरु के कप्तान डेनियल वेटोरी और हैदराबाद के कप्तान कुमार संगाकारा एक-दो मैचों से बाहर बैठ चुके हैं।
इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए गांगुली ने कहा कि यह परिस्थितियों पर निर्भर करता है। उन दोनों टीमों के कप्तान विदेशी खिलाड़ी थे, वेटोरी ने मुरलीधरन के लिए रास्ता साफ किया जो कि कप्तान बनने के लिए अच्छा विकल्प हैं।
इससे पूर्व सूत्रों ने बताया था कि टीम प्रबंधन गांगुली को कप्तानी से हटाने को तैयार है, लेकिन कोशिश यही है कि सौरव खुद शेष मैचों में कप्तानी से हटने की घोषणा कर दें। सौरव की जगह माइकल क्लार्क या स्टीव स्मिथ को कप्तान बनाया जा सकता है। टीम प्रबंधन पुणे की दुर्दशा के लिए आधिकारिक तौर पर गांगुली को दोषी ठहराने से बच रहा है। टीम के मालिक ने कहा, ‘टीम की हार के लिए कप्तानी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। अच्छे खिलाडियों की कमी टीम को महंगा पड़ा है।’
न तमीम न मोहनीश
युवराज सिंह की गैरमौजूदगी में पुणे वॉरियर्स के कप्तान बनाए गए गांगुली के टीम चयन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सौरव ने अभी तक बांग्लादेश के ओपनर तमीम इकबाल और मोहनीश मिश्रा को नहीं आजमाया। थॉमस को भी शुरुआती मैचों में बाहर रखने का फैसला हैरान करने वाला था। सैमुअल्स को खिलाया गया, जबकि वे खास नहीं कर सके। इन पर मेहरबानी सौरव ने मन्हास-नेहरा पर ज्यादा भरोसा किया। मन्हास एक मैच को छोड़कर किसी में भी नहीं चले। नेहरा के गेंदों की स्लॉग ओवरों में काफी धुनाई हुई।
13 मैच, अर्धशतक नहीं
सौरव आईपीएल-5 में अर्धशतक नहीं लगा सके हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 45 (डेक्कन) है। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली के खिलाफ 41 और कोलकाता के खिलाफ 36 रन की पारी खेली।
"मैं कप्तान नहीं बनना चाहता था, लेकिन टीम प्रबंधन ने मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी थी। अब मैं युवा खिलाडिय़ों को मौका देना चाहता हूं, इसलिए शेष मैच नहीं खेलूंगा'' - सौरव गांगुली







