'अरुण जेटली' या 'अरुण झूठली'

कोयला घोटाले को लेकर संसद के अंदर और बाहर हो रहे हंगामे के चलते संसद की कार्यवाही पूरी तरह ठप्प है। बीजेपी प्रधानमंत्री के मुंह पर कालिख पोत रही है तो कांग्रेस संसद में बहस की खुली चुनौती दे रही है। इसी बीच शुक्रवार को यूपीए के वरिष्ठ मंत्रियों ने कमान संभाली और कोयला घोटाले पर सरकार का पक्ष रखा।
पी चिदंबरम ने कहा कि जब कोयला जमीन से निकाला ही नहीं गया तो देश को नुकसान कैसे हुआ। चिंदबरम का यह बयान अखबारों, टीवी चैनलों और समाचार वेबसाइटों पर सुर्खियों में रहा। हालांकि उनके इसी बयान पर भाजपा की ओर से अरुण जेटली ने जमकर खबर ली। अरुण जेटली ने शनिवार को प्रैस कांफ्रेंस में कहा, 'चिदंबरम जीरो लॉस के अपने तर्क से देश को बेवकूफ नहीं बना सकते। उनके सहयोगी कपिल सिब्बल ने 2 जी घोटाले के मामले पर सफाई देते हुए यही तर्क दिया था लेकिन वो देश को मूर्ख बनाने में नाकाम रहे थे। चिदंबरम का भी यही हश्र होगा।'
पी चिदंबरम पर निशाना साधने के बाद से ही अरुण जेटली ट्विटर ट्रेंड्स में शामिल हैं। हालांकि ट्विटर पर लोग जेटली की ही खबर ले रहे हैं। ज्यादातर लोगों का कहना है कि मीडिया के सामने तर्क देने से कुछ नहीं होगा यदि जेटली वास्तव में कुछ करना चाहते हैं तो उन्हें अपनी बात लोकसभा में रखनी चाहिए।
पढ़िए ट्विटर पर आईं कुछ चुनिंदा प्रतिक्रियाएं..
dibang
चिद्दू के जीरो लॉस बयान पर अरुण जेटली ने कहा, मुझे नहीं लगता कि चिदंबरम लोगों को मूर्ख बना पाएंगे, वो अपने आप को ही मूर्ख बना रहे हैं।
Indyeah
अरुण जेटली ने संसद के बाहर यूपीए की बखिया उधेड़ दी..माफ कीजिएगा सरजी लेकिन जब तक आप संसद के अंदर ऐसा नहीं करते आप सुरेश रैना ही बने रहेंगे- फ्लैट ट्रैक के गुंडे।
Dead Lock
ऐतिहासिक.... भाजपा अंदर और बाहर कचरा भरे होने का शानदार उदाहरण है। अभी अरुण जेटली उर्फ झूठली के मुंह से महाबकवास सुनी।
R K MISHRA
अरुण जेटली प्रधानमंत्री पद के लिए भाजपा के 6 उम्मीदवारों में से एक हैं। बाकी में आडवाणी, गडकरी, सुषमा, नरेंद्र मोदी और मुरली मनोहर जोशी शामिल है। वास्तव में बहुत ज्यादा कंपटीशन है।
SUBHASH D. PAKHARE
क्या फायदा... कोयला घोटाले पर चिदंबरम की सफाई पर अरुण जेटली के जवाब ने प्रभावित किया लेकिन क्या वो संसद में भी ऐसा ही करेंगे?
Shayan Bisney
कोई हैरानी नहीं होगी अगर अरुण जेटली को अरुण झूठली कहा जाए। उनकी विश्वसनियता भी ऐसे ही जीरो है जैसे कोयला और 2 जी घोटाले का नुकसान जीरो है। सिर्फ शब्द कोई तुक नहीं।
Being Me...
अरुण जेटली ने कहा कि चिदंबरम जनता को धोखा नहीं दे पायेंगे जबकि उनका मूल काम ही यही है...पत्रकारों की मदद से जनता को धोखा देना।
Raj Gaurav Bhandari
सरकार को गलत साबित करने का क्या फायदा अगर यह संसद में न किया जाए। या मीडिया नई संसद बन गया है?






