कौशिक बसु में लोगों की दिलचस्पी

गुरुवार को एक नाम ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा था। यह नाम था कौशिक बसु का। दरअसल कौशिक बसु वर्ल्ड बैंक के नए प्रमुख अर्थशास्त्री नियुक्त किये गये हैं। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वो पहले भारतीय और एशिया के दूसरे व्यक्ति हैं। कौशिक बसु का जन्म 9 जनवरी 1952 को कलकत्ता में हुआ था। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई सेंट जेवियर्स स्कूल से की। स्वयं पर लिखे एक निबंध में कौशिक बसु ने एक जगह लिखा, 'मैंने 1969 में स्कूली शिक्षा पूरी की। मेरे पिता मुझे फिजिक्स पढ़ाना चाहते थे लेकिन वो क्रांतिकारी समय था और मैं कुछ भी नहीं पढ़ना चाहता था। फिर फिजिक्स और कुछ भी नहीं के बीच समझौता हुआ और मेरा परिवार अर्थशास्त्र की पढ़ाई करने पर मान गया।'
भारत के कौशिक बसु बने विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री
बसु 1969 में दिल्ली आ गये और यहां के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इकोनॉमिक्स ऑनर की डिग्री ली। इसके बाद उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से 1974 में इकोनॉमिक्स में एमएससी की डिग्री ली। इसके बाद 1974 से 1976 के बीच उन्होंने अमृत्य सेन के दिशा निर्देशन में पीएचडी की डिग्री ली।
इसके बाद बसु 1977 में भारत लौट आए और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर के तौर पर पढ़ाना शुरु कर दिया। इसके बाद वो विश्वभर के तमाम प्रतिष्ठित इकोनॉमिक्स संस्थानों में कक्षाए लेते रहे। साल 1992 में उन्होंने सेंटर फॉर डेवलमेंट इकोनॉमिक्स (सीडीई) की शुरुआत दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में की। साल 2009 में बसु भारत सरकार के साथ जुड़ गए और एक उस दौरान एक पत्रिका को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि सरकार के साथ उनका पहला अनुभव कोई खास अच्छा नहीं था। जब वो सीडीई को शुरु कर रहे थे तब सरकारी कार्यालयों में उन्हें कई खराब अनुभव हुए।
6 सितंबर 2012 को कौशिक बसु को विश्व बैंक का मुख्य अर्थशास्त्री नियुक्त किया गया। इस नई नियुक्ती के बाद भारतभर के लोगों में उनके बारे में जानने की दिलचस्पी बढ़ गई और नतीजा यह हुआ कि वो गूगल सर्च ट्रेंड्स में शामिल हो गए।







