दरअसल जयराम रमेश ने अपने पत्र में ममता को बताया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2012-13 में मनरेगा के लिए पश्चिम बंगाल को जारी की गई चौथी किस्त के बारे में बताया है। ग्रामीण विकास मंत्री ने अपने पत्र में बताया है कि पश्चिम बंगाल के लिए 601.2 करोड़ रुपये की किश्त जारी कर दी गई है। इससे पहली किश्तों में 11 मई 2012 को 1054 करोड़ रुपये, 29 जून 2012 क 500 करोड़ रुपये और 7 अगस्त 2012 को 500 करोड़ रुपये पश्चिम बंगाल के लिए जारी किए गए। इस तरह साल 2012 में पश्चिम बंगाल के लिए अब तक कुल 2655.2 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं जबकि वित्त वर्ष 2011-12 में कुल 2597 करोड़ रुपये जारी किए गए।
हालांकि अपने पत्र के अंत में जयराम रमेश ने लिखा, यह दर्शाता है कि 'दिल्ली की मानसिक रूप से मृत सरकार' पश्चिम बंगाल के लोगों की जरूरतों के लिए कितनी संवेदनशील है। बस पत्र के अंत में की गई टिप्पणी ही ममता को नागवार गुजरी और उन्होंने केंद्रीय मंत्री के पत्र को फेसबुक पर पोस्ट करते हुए इसे गैर जिम्मेदार और गैर-पेशेवर करार दे दिया है।