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दिल्ली मेट्रो- अगला स्टेशन मोलेस्टेशन है

Dainikbhaskar.com | Dec 18, 2012, 15:21PM IST
दिल्ली मेट्रो- अगला स्टेशन मोलेस्टेशन है
नई दिल्ली. मेडिकल छात्रा के साथ गैंगरेप की वारदात के बाद भड़का गुस्सा सड़क से संसद तक दिख रहा है। सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर भी गैंगरेप को लेकर खूब टिप्पणियां की जा रही हैं। फेसबुक और ट्विटर पर लोग सरकार और व्यवस्था को गैंगरेप की वारदात के लिए जिम्मेदार मान रहे हैं। 
 
एक नजर गैंगरेप की वारदात पर फेसबुक और ट्विटर पर आईं टिप्पणियों पर...
 

अनंत विजय:
'दिल्ली गैंगरेप के आरोपियों को मौत की सजा होनी ही चाहिए ।'
 
 
मदन कश्यप:
'मुझे शर्म है कि मैं दिल्ली में रहता हूँ।'
 
फरीद हुसैन:
'पहली बार मैं बीजेपी से सहमत हूँ, क्योंकि उन्होंने बलात्कारियों के लिए सजा-ए-मौत मांगी है।'

 
Bharat Singh Bangari
कातिल बदला लेने के लिए कत्ल करता है, उपद्रवी सांप्रदायिक सोच से प्रभावित होते हैं, चोर भी किसी मजबूरी में चोरी करता है, लेकिन बलात्कार जो सभी अपराधों में सबसे जघन्य है का कारण बलात्कारी की दूषित मानसिकता है। यहां न बदला है, न वजह है यह सिर्फ अपराध है। बलात्कारियों को सार्वजनिक रूप से लटका देना चाहिए। 
 
क्षत्रिय आयुष 'आवारा'
अरे ओ समाज के ठेकेदारों कब तक अपने वाहियाद नियम और कानूनों में जकङे रहोगे....नपुंसकता छोङो और अपनी मानसिकता बदलो...कब तक शोषित नारी पर लांछन लगाते रहोगे...और इन वहशी दरिंदों की हिम्मत बढाते रहोगे....औरत कभी अपने साथ ऐसा क्रूर कृत्य नहीं होने देना चाहेगी...वरन् यह तो तुम्हारे प्रोत्साहनों का नतीजा है, जो सिर्फ स्त्री को भुगतना पङ रहा है....तुम तो इस लङकी को भी तमाम गालियां देते हो जिसका स्टेटस मैंने स
 
Dilnawaz Pasha
अगर कभी अपनी प्रेमिका के साथ दिल्ली की बसों में सफर किया है तो विरोध करो। अगर कभी घर पर अपनी बहन का इंतजार किया है तो विरोध करो। अगर कभी दफ्तर गई अपनी बेटी की चिंता में खाना बासी किया है तो विरोध करो। क्योंकि...उस मेडिकल छात्रा के साथ गैंगरेप कुछ आपराधिक मानसिकता के दरिंदों ने नहीं किया बल्कि हमारे सिस्टम ने किया है। दिल्ली में ऑटो वाले मीटर से चलने के लिए साफ इंकार कर देते हैं, अवैध संचालित बस वाले खुले आम थानों में हफ्ता पहुंचाते है....हमारी आंखों के सामने कंडक्टर बस से उतर कर वर्दी को खरीदता है....और हम खामोश रहते हैं... खामोशी तोड़ो...नहीं तो खुद टूट जाओगे...। और संपादकों से अपील है, इस मसले को टीवी चैनल के स्टूडियों में न निपटाएं...रिपोर्टरों को सड़क पर उतारकर हकीकत की झलक भी तो दुनिया को दिखाइये। 
 
 
Rajendra Yadav
हम सब कायर लोग है। सारी मर्दानगी औरतों के आबरू से खिलवाड़ करने में लुटा रहे है। उससे उबते है तो मुसलमान और पाकिस्तान पे चढ़ाई करने की कसरत करते है। चीन से लड़ नहीं सकते तो उसके खिलौने को कोसते है और अमरीका की दादागिरी को अपने स्कूल के प्राचार्य का गुरुवचन मान के धर्म निभाते है। कोई शक नहीं कि हम लोगो का इंक़लाब रंगा-सियार है। 
 
बहुत ही हिंसक समाज है। लडकियों और औरतों के लिए बहुत ही हिंसक। शर्मनाक है गैंगरेप। चप्पा चप्पा गूंज उठा है इंक़लाब के नारों से आज मगर ऐसी घटनाये आम है देश के हर कोने में। जैसे दलित आदिवासी पीड़ित है वैसे ही हर जात और वर्ग की औरतें भारतीय समाज की।
 
आगे क्लिक करके पढ़े ट्विटर पर लोगों ने क्या किया और देखें दिल्ली मेट्रों में लड़कियों के साथ क्या होता है
 
 
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