आमिर जी लगान का दलित चरित्र 'कचरा' क्यों था?

आमिर खान ने इस बार अपने शो 'सत्यमेव जयते' में छुआछूत का मुद्दा उठाया। आमिर के शो के प्रसारण के दौरान ही ट्विटर पर 'दलित' ट्रेंडिंग करने लगा। लोगों ने इस विषय पर खुलकर अपनी राय रखी।
कुछ ने यह मुद्दा उठाने के लिए आमिर खान का समर्थन किया तो कुछ ने आमिर खान पर ही सवाल खड़े कर दिया। एक ट्विटर यूजर प्रिया जेम्स ने ट्वीट किया, 'आमिर खान अपनी फिल्म लगान में उस दलित चरित्र को 'कचरा' जैसा घिनौना नाम देने पर कैसे राजी हो गये'। एक अन्य ट्विटर यूजर ने सवाल किया कि हमारे देश में आज तक कोई दलित व्यक्ति प्रधानमंत्री क्यों नहीं बन पाया है।
पढिए ट्विटर पर आईं कुछ प्रतिक्रियाएं
james_priya: 'आमिर खान अपनी फिल्म लगान में उस दलित चरित्र को 'कचरा' जैसा घिनौना नाम देने पर कैसे राजी हो गये'।
Free Soulहमारे देश में आज तक कोई दलित प्रधानमंत्री क्यों नहीं बना है?
Bangalorean
मैं बस पूछ रहा हूं कि क्या आमिर खान ने आज के सत्यमेव जयते में दलित मुसलमानों और दलित इसाइयों को बारे में भी कुछ बात की है क्या?
SANDEEP BAPAT
आज का सत्यमेव जयते किस विषय पर था..अभी सोकर उठा रहा हूं...मां बता रहीं है कि कुछ दलित टाइप चीज पर बात हो रही थी।
Desai
सत्यमेव जयते में आज जातिवाद और इसकी चुनौतियों पर बात हुई लेकिन इन्हीं दलितों को दिये जाने वाले आरक्षण पर बात क्यों नहीं हुई। यह दोगलेपंती की हद है।
Sanket Mantriओके, मैं अपने सभी दलित फेसबुक मित्रों को पोक करूंगा ताकि साबित कर सकूं कि मैं छुआछूट में विश्वास नहीं रखता हूं।
FAKEndra Mody
आमिर खान जी आप भी मुझ जैसे ही हो, तुम भी वहीं प्रवचन देते हो जिन्हें तुम खुद नहीं मानते...जरा बताओ तो लगान में दलित चरित्र का नाम कचरा क्यों था?
Nidhi
कितने गैर दलित रेड लाइट एरिया में जाते हैं और अपनी आग बुझाते हैं बिना यह जाने की वेश्याओं में दलित महिलायें भी हैं।
Suryanarayan Ganesh
ट्विटर पर मौजूद हर राइट विंग व्यक्ति सत्यमेव जयते में दलितों पर होने वाले अत्याचार को देखकर परेशान है। इससे पता चलता है कि बीजेपी और सुब्रमण्यम स्वामी के समर्थक कितने बड़े जातीवादी हैं।
Nimesh Shah
डॉक्यूमेंट्री फिल्में भारतीय सिनेमा की दलित हैं।
Manish Chauhan
अगर किसी की जाती का नाम लो तो दलितों को बुरा लगता है लेकिन उसी दलित को तब बहुत अच्छा लगता है जब उसे दलित होने के कारण आरक्षण मिलता है।






