नाकाम ऊर्जा मंत्री से गृहमंत्री बने शिंदे, ट्विटर पर तीखी टिप्पणियां

ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे को केंद्रीय गृहमंत्री बनाया गया है। बुधवार को उन्होंने गृहमंत्री पद का भार संभाल लिया। देश में भीषण बिजली संकट के वक्त सुशील कुमार शिंदे को ऊर्जा मंत्री पद से प्रोमोट करके गृहमंत्री बनाया जाना देश के लोगों के गले नहीं उतर रहा है। शिंदे को उस वक्त गृहमंत्री बनाया गया जब वो ऊर्जा मंत्री के तौर पर नाकाम रहे और देश ने विश्व के सबसे बड़े बिजली संकट को झेला।
सोमवार और मंगलवार दो दिन लगातार पावर ग्रिड फेल रहा जिस कारण करीब 70 करोड़ लोगों तक बिजली नहीं पहुंच सकी। जिस दिन देश में सबसे बड़ा बिजली संकट था उसी दिन शिंदे को गृहमंत्री बनाए जाने पर सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
Ramesh Srivats
क्या? सुशील कुमार शिंदे देश के नए गृहमंत्री बन सकते हैं? जब वो ऊर्जा मंत्री थे तब हमारे पास ऊर्जा नहीं थी। अब वो गृह मंत्री हैं तो?
Raja DiggVijay $ingh
जनता सुशील कुमार शिंदे को घर भेजना चाहती थी, मैडम जी ने जरा गलत समझ लिया।
doctor at large
अब जब सुशील कुमार शिंदे को खराब रिकार्ड के बावजूद गृहमंत्री बना दिया गया है तब रोहित शर्मा को भी खराब फॉर्म के चलते देश का कप्तान बनाया जाना चाहिए।
Gaurav
सुशील कुमार शिंदे जैसे नाकाम लोगों को देश का गृहमंत्री बनाकर प्रोमोट करना यूपीए की ट्रेंड सैट करने की रणनीति है ताकि सबसे नाकाम व्यक्ति राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाया जा सके।
Gargi Rawat
सुशील कुमार शिंदे की पहली लाइन यह थी कि मैं देश का दूसरा दलित गृहमंत्री हूं। अपनी जाति साइड में रखिये सर और ये बताइये देश की सुरक्षा के लिए आप क्या कर रहे हैं।
Nigel Britto
सुशील कुमार शिंदे की कहानी- महाराष्ट्र के नाकाम मुख्यमंत्री से केंद्रीय मंत्री के रूप में प्रोमोशन। और वहां भी नाकाम रहने पर अब गृह मंत्री के रूप में प्रोमोशन।
haritnagpal
सुशील कुमार शिंदे ने सफाई दी कि अमेरिका में पावर ग्रिड ठीक करने में चार दिन लग गए थे, सरजी लेकिन वहां दिन में चार बार बिजली नहीं जाती है।
avinash Kalla
मीडिया से बात करते वक्त सुशील कुमार शिंदे ने खुद को दलित क्यों बताया? क्या किसी ने इस बारे में उनसे कुछ पूछा था?
Queen Bee
क्या सुशील कुमार शिंदे का गृहमंत्री बनना भी गांधी परिवार के प्रति वफादारी का नतीजा है।
Mahishasura™
सुशील कुमार शिंदे गृहमंत्री बन गए हैं, अब पावर ग्रिड फेल होने का दिल्ली पर असर नहीं होगा।






