तस्लीमा नसरीन ने साहित्य अकादमी अध्यक्ष पर लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप

प्रखर लेखिका तस्लीमा नसरीन ने पश्चिम बंगला साहित्य अकादमी के अध्यक्ष सुनील गंगोपाध्याय पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। रविवार को ट्विटर पर पोस्ट करते हुए तस्लीमा नसरीन ने पोस्ट किया, 'सुनील गंगोपाध्याय किताबों पर प्रतिबंध का समर्थन करते हैं। उन्होंने मेरा और कई अन्य महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया है। वो अभी साहित्य अकादमी के अध्यक्ष हैं। यह शर्मनाक है।'
तस्लीमा नसरीन से जब एक यूजर ने ट्विटर पर साल किया कि महिला साहित्यकारों ने सुनील के खिलाफ मामला क्यों नहीं दर्ज करवाया तो उन्होंने आगे पोस्ट किया, 'सभी उनसे डरते थे। वो पिछली सरकार के दायें हाथ थे।'
तस्लीमा ने अपना पक्ष रखते हुए ट्विटर पर कहा, 'सुनील का बचाव करने वाले कह रहे हैं कि मैंने पहले क्यों नहीं मुंह खोला, अब क्यों बोल रही हूं? तो क्या इसका मतलब यह है कि यदि मैंने अपना दर्द साझा नहीं किया तो मेरी बात नहीं सुनी जायेगी।'
यौन उत्पीड़ने के बारे में तस्लीमा ने कहा, सुनील ने लंबे वक्त पहले मेरा शोषण किया था। मैं तब फ्रांस से वापस आई थी और कोलकाता के एक होटल में रुकी हुई थी। एक शाम सुनील अपने कुछ दोस्तों के साथ मेरे कमरे पर डिनर के लिए आए। डिनर के बाद वो जाने के लिए गले मिल रहे थे। और अचानक सुनील ने मेरा उत्पीड़न किया। मैं सुन्न रह गई थी। मैं समझ नहीं पाई की उन्हें माफ कर दूं या विरोध करूं लेकिन मैंने मानसिक शोषण बर्दाश्त किया।
वहीं तस्लीमा के आरोपों को सुनील गंगोपाध्याय ने सिरे से खारिज कर दिया है। सुनील ने कहा, 'इन आरोपों पर मैं सिर्फ हंस ही सकता हूं। मैं उनसे सवाल करता हूं कि यदि मैंने उनका उत्पीड़न किया, जो की लंबे वक्त पहले हुआ होगा तो वो इतने समय से क्या कर रही थी, अब यह सब क्यों बोल रही हैं? मुझे लगता है कि यह उनकी कुंठा है जो बाहर आ रही है। ऐसी टिप्पणियों से मुझ पर कोई असर नहीं होता।'






