हम भारत के मूकदर्शक

असम के गुवहाटी का एक वीडियो देखकर देश भर में उबाल है। वीडियो में करीब २० युवक एक बार से लौट रही युवती के साथ छेड़खानी करते हुए दिख रहे हैं। जो आ रहा है वो युवती पर हाथ साफ करने की कोशिश कर रहा है।
इस बेहद शर्मनाक वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद से ही असम पुलिस समेत पूरी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल उठा है भारतीयों की सोच पर।
ट्विटर पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर ने पोस्ट किया, 'वक्त आ गया है जब संविधान के पहले तीन शब्दों को 'हम भारत के लोग' से बदलकर 'हम भारत के मूकदर्शक' कर देना चाहिए।'
ट्विटर पर आई यह प्रतिक्रिया भारत के बारे में बहुत कुछ कहती है। जब से इस घटना पर रिपोर्टों मीडिया में आईं हैं तब से ही ट्विटर पर गुवहाटी, असम और असम डीजीपी ट्रेंड कर रहे हैं।
सवाल असम के डीजीपी पर भी उठाए जा रहे हैं।
पढ़िए ट्विटर पर इस टॉपिक में शेयर की गईं कुछ ट्वीट्स...
Ripper
अगर सिंगापुर में ड्रग ट्रेफिकिंग पर फांसी दी जा सकती है तो भारत में भी ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए कड़े कानून बनाए जा सकते हैं।
Kanika Kriti
एक लड़की से बीस लड़के छेड़छाड़ कर रहे हैं और हम भारत में महिलाओं के लिए समान अधिकारों की बात करते हैं? ऐसी सोच वाले लोगों को सजा मिलनी ही चाहिए।
The Karate Chick
किसी ने ट्वीट किया कि १७ साल की लड़की पब के बाहर क्या कर रही ? मेरे देश की दिक्कत यही सोच है।
Kabir
अगर आप ऐसे मौकों पर भी आवाज बुलंद नहीं करेंगे तो शीशे में अपनी शक्ल कैसे देखेंगे?
Bhakti Patwardhan
गुवहाटी में जो हुआ वो शर्मनाक है, इस घटना के बाद मैं बुरी तरह डर गईं हूं इसके बारे में सोचने से खुद को रोक नहीं पा रही हूं। दुख की बात यह है कि हमारे देश और पीछे जा रहा है।
Edwin Beall
२० पुरुष एक नाबालिग को छेड़ते हैं। मैं तो उसकी पीड़ा के बारे में सोच भी नहीं सकता। मानवता मर गई है। यह भारत और भारतीयों के लिए दुखद दिन है।
Abdul Wadud Aman
उस बेचारी लड़की को तो पुलिस की मौजूदगी में भी छेड़ा गया, एक युवक पुलिस के सामने ही उसकी जांघ छू रहा था।
SupriyaTyagi
चलिए वो कहते हैं जो मीडिया नहीं कह पाया। कांग्रेस शासित प्रदेश में एक नाबालिग लड़की को २० युवकों ने छेड़ा और सिर्फ ३ ही गिरफ्तार हुए।
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