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आगरा: 11 महीने में छह बच्चियों का गैंग रेप, दरिंदे पकड़ से बाहर
dainikbhaskar.com
| Feb 09, 2013, 12:00PM IST

आगरा. दिल्लीं गैंग रेप के बाद देशभर में दरिंदों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है। लेकिन आगरा में इसका ठीक विपरीत हालात हैं। यहां पिछले 11 महीने में छह बच्चियों के साथ गैंग रेप हो चुके हैं, लेकिन पुलिस दरिंदों को पकड़ नहीं सकी है। रेप के खिलाफ देशभर में आक्रोश अब ठंडा पड़ने लगा है, लेकिन आगरा में एक के बाद एक वारदात लोगों के होश उड़ाए हुए हैं। दहशत इस कदर है कि बच्चियों को घर से बाहर अकेले भेजने में अब डर लगने लगा है।
हाल में 3 फरवरी को कालिंदी विहार स्थित ‘शहरी गरीब आवास’ के बाहर से तीन साल के मासूम बच्ची को दरिंदों ने उठा लिया। उसके बाद हवस का शिकार बनाकर उसे एक किलोमीटर दूर एक खाली घर में छोड़ दिया। तड़पती बच्ची अब भी अस्पताल में है। लेकिन दरिंदे नहीं पकड़े गए। ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं। चार महीने पहले न्यू आगरा से सात साल की लड़की को अज्ञात लोग उठाकर ले गए। बाद में बदहाल हालत में वह झाडि़यों में मिली। कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। मई 2012 में अछनेरा इलाके में घटना हुई, जिसमें एक व्यक्ति टॉफी के बहाने छह साल की बच्ची को ले गया। बाद में उसका शव मिला। दरिंदे अधिकतर रेप के बाद पीडि़ता की हत्या कर दे रहे हैं। इसकी वजह से भी आरोपी पकड़ में नहीं आ रहे हैं। पिछले सप्ताह हुए गैंगरेप के मामले में चार आरोपी पकड़े गए थे। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि पीडि़त युवती थी और उसने आरोपियों की पहचान कर ली थी।
खासकर बच्चियों के साथ ऐसे दिल दहलाने वाले रेप के छह मामले यहां हो चुके हैं। निर्ममता से लड़कियों की हत्या तक हो रही है। पुलिस की अब तक की कर्रवाई बताती है कि वह रेप के मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। मानवाधिकार कार्यकर्ता नरेश पारस कहते हैं कि ये मामले तो पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं। ऐसे कई मामलों में तो पुलिस हड़काकर पीडि़त परिवार को भगा देती है। राजनीतिक दबाव या सामाजिक संगठन के दखल के बाद ही पुलिस हरकत में आती है। दरिंदे अब भी आजाद हैं। पारस का कहना है कि देश में रेप को लेकर कड़ा कानून बनाने से क्या फायदा जब पुलिस शुरुआती स्तर पर कार्रवाई ही न करे। इधर, एसएसपी एससी दुबे का कहना है कि पुलिस ने हाल में कई आपराधिक मामले सुलझाए हैं। उनका कहना है कि सख्ती की जा रही है। लोगों को भी सहयोग करना होगा।






