लखनऊ. उत्तर प्रदेश में चल रहे महाकुंभ और राज्य में
बह रही भ्रष्टाचार की गंगा के बीच अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली लगभग 11 महीने पुरानी सरकार में गुरुवार को 12 नए मंत्री शामिल किए गए। तमाम आलोचनाओं के बावजूद अखिलेश ने इन 12 मंत्रियों में से चार बाहुबलियों को भी जगह दी। अब मंत्रियों की कुल संख्या 60 हो गई है। इनकी संख्या बढ़ाने से
असुरक्षित-उपेक्षित जनता की परेशानी कितनी कम होगी, यह देखने वाली बात होगी।
सीएमओ हत्याकांड में फंसे विनोद सिंह उर्फ पंडित सिंह से पिछले दिनों सीएम अखिलेश ने ही मंत्री पद छीना था। लेकिन अब उस मामले में रिपोर्ट आ जाने के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें एक बार फिर राज्यमंत्री का दर्जा दिला दिया। वहीं गोण्डा से ही पंडित सिंह के अलावा एक अन्य सपा विधायक योगेश प्रताप सिंह को भी राज्यमंत्री बनाया गया है। योगेश के खिलाफ भी आपराधिक मामले दर्ज हैं, उनकी छवि भी दबंग नेताओं की मानी जाती है। इसी तरह से राममूर्ति वर्मा और मनोज पाण्डेय का भी आपराधिक इतिहास है। लेकिन इस बारे में पूछे जाने पर सपा महासचिव रामगोपाल यादव भड़क गए। उन्होंने कहा, 'कोई दागी मंत्री नहीं है। पंडित सिंह पर कोई दाग नहीं है। मीडिया उसे गलत ढंग से पेश कर रहा है।'