उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के यूनियन के नेता लज्जा राम का कहना है कि हड़ताल करना उनकी मजबूरी है क्योंकि परिवहन निगम हर महीने करीब 25 करोड़ और सालाना लगभग 300 करोड़ का नुकसान कब तक सहन करेगा। निगम को डीज़ल महंगा दिया जा रहा है। निगम यात्रियों का किराया बढ़ाने में भी असमर्थ है इसी कारण हड़ताल की जा रही है। उधर इस हड़ताल में लगभग सभी बैंक और सरकारी दफ्तरों पर काम पूरी तरह से ठप्प है।
फोटो- कानपुर रोडवेज पर बस का इंतजार करते परेशान यात्री।