लखनऊ. अखिलेश सरकार के ऐतिहासिक बजट में एक ऐतिहासिक घोषणा भी हुई है। अखिलेश ने मॉल एवेन्यू इलाके में एक फ्लाई ओवर बनाने की घोषणा की है, जो पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के घर के ठीक सामने से होकर निकलेगा। इस बाबत जब पत्रकारों ने उनसे सवाल किया तो यूपी के युवा सीएम का कहना था कि फ्लाई ओवर तो बनना ही है। यदि उसके रास्ते में किसी का घर आता है तो हम क्या कर सकते हैं। हालांकि पूर्व सीएम के इस कदम से हाईप्रोफाइल बंगले में रहने वालों को दिक्कत जरूर हो सकती है। क्योंकि बंगले के सामने फ्लाईओवर बनने से दिन-रात वाहनों की आवाजाही होगी।
बताते चलें कि मायावती को मॉल एवेन्यू इलाक़े का यह बंगला वर्ष 1995 से आवंटित है, जब वे पहली बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनी थी। मायावती जितनी बार मुख्यमंत्री बनीं, उतनी बार 13, मॉल एवेन्यू बंगले में नया निर्माण और विस्तार होता गया और बंगले की चारदीवारी ऊंची होती गई। इस समय बंगले की चारदीवारी लाल क़िले से भी ऊंची है। इसी बंगले के सामने दो-तीन पुराने बंगलों को तोड़कर बहुजन समाज पार्टी का कार्यालय भी बनाया गया है।
इससे पहले सीएम अखिलेश यादव ने 2 लाख 15 हजार 919 करोड़ रुपए का 2013-14 का यूपी का बजट पेश किया। खुद सीएम ने वित्त मंत्री के तौर पर बजट विधानसभा में पेश किया। मुख्य विपक्षी दल बसपा ने प्रदेश सरकार के बजट का बहिष्कार किया। अखिलेश ने कहा कि यह यूपी के इतिहास का सबसे बड़ा बजट है। इलाहाबाद में जनेश्वर मिश्र के नाम से एक लाइब्रेरी बनेगी। आगरा और मथुरा में पर्यटन को बेहतर बनाया जाएगा। आजमगढ़ में एक पैरा मेडिकल कॉलेज भी खुलेगा। मैनपुरी में इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए 20 करोड़ रुपए। 36 हजार रुपए सालाना आय से कम लोगों को आवास देगी सरकार। लखनऊ से आगरा के लिए 8 लेन का हाइवे बनेगा।
वहीं विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया है कि पिछले बजट की 45 फीसदी राशि भी खर्च नहीं हुई है तो दूसरा बजट क्यों। कृषि में सिर्फ 26 फीसदी राशि खर्च हुई है। पंचायती राज (36.55), शहरी विकास (38.21), डेयरी (12 फीसदी), सार्वजनिक स्वास्थ्य (34 फीसदी), पर्यटन (12 फीसदी), प्रावधिक शिक्षा (23), उच्च शिक्षा (13), पशुधन विकास (36 फीसदी), माध्यमिक शिक्षा (11 फीसदी), ग्रामीण विकास (35 फीसदी) ही खर्च हो पाई है। विपक्ष के आरोपों के चलते बजट सत्र हंगामाखेज होने के आसार हैं। विपक्ष के अनुसार यूपी सरकार ने अनुपूरक बजट में हजारों करोड़ रुपए पास कराए लेकिन वह भी खर्च नहीं कर सकी। अब 2013-14 का बजट पिछले साल से करीब 10 फीसदी ज्यादा का रखा गया है। सरकार इसे खर्च कैसे करेगी? यूपी में राजकोषीय घाटा बढ़कर 24 हजार करोड़ रुपए हुआ। यह जीडीपी का करीब तीन फीसदी है।
सीएम अखिलेश ने कहा कि पिछले बजट से काफी धनराशि जो खर्च नहीं कर पाने का आरोप विपक्ष लगा रहा है। वह बेबुनियाद है। पिछले साल बजट पेश करने के बाद हमें सात महीने का ही समय मिला, उसमें काफी काम हुआ है। वहीं उस बजट में काफी धनराशि केंद्र से आनी थी, जो नहीं आ सकी। यही कारण है कि प्रतिशत कम दिख रहा है। जब सीएम से ये पूछा गया कि क्या आपको ये लगता है केंद्र यूपी के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। उन्होंने कहा कि मैं सिर्फ स्थिति साफ कर रहा हूं। यूपी हीं नहीं तमाम राज्यों को अभी तक केंद्र से पैसा नहीं मिला है।
अखिलेश सरकार ने 2013-14 के बजट में विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर (कृषि, सिंचाई, सड़क आदि) के लिए 26 हजार 641 करोड़ रुपए से ज्यादा दिए गए। यह पिछले साल से 25 फीसदी ज्यादा है। वहीं कृषि 17 हजार 174 करोड़ दिए गए, जो पिछले बजट से करीब तीन गुना ज्यादा है। शिक्षा के लिए सरकार ने 32 हजार 886 करोड़ रुपए रखे हैं, वहीं चिकित्सा के लिए 10 हजार 645 करोड़ रुपए दिए गए हैं। अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग कल्याण योजनाओं के लिए 30 हजार 292 करोड़ रुपए दिए गए। यूपी में लखनऊ को नई मेट्रो की सौगात दी गई। छात्राओं को डिग्री स्तर तक मुफ्त शिक्षा का प्राविधान। कम साक्षरता वाले 36 जिलों में सरकार कॉलेज खुलेंगे। 2100 गांवों को संपर्क मार्ग से जोड़ा जाएगा।