मेरठ. मेरठ के कबाड़ी बाजार स्थित वेश्यावृत्ति कारोबार में क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिल रहा है। यहां पर काम करने वाली डेढ़ हजार से भी ज्यादा वेश्याओं के बच्चे देश के नामी गिरामी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। इतना ही नहीं, एक कोठे की मालकिन की तो सबसे रोचक कहानी निकलकर आई है। फिलहाल वह जिंदा नहीं हैं, पर उनकी जगह कोठा देख रही नई मालकिन का कहना है कि उन्होंने अपने दोनों भाइयों को यहीं पर काम करके पढ़ाया लिखाया। आज उनका एक भाई मध्य प्रदेश में आईपीएस है और दूसरा भाई उत्तर प्रदेश में वेटनरी डॉक्टर है।
यहां काम करने वाली वेश्याएं औसतन महीने में एक लाख रुपये कमाती हैं और इसका बड़ा हिस्सा वे बच्चों की पढ़ाई पर खर्च कर रही हैं। उनके बच्चे महंगे स्कूलों में और ऊंची शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। कबाड़ी बाजार में काम करने वाली वेश्याओं की जिंदगी में आए कुछ सकारात्मक बदलावों पर दैनिक भास्कर.कॉम की इस खास रिपोर्ट को आगे क्लिक कर पढें-