महाकुंभ कैंपस. पौराणिक कथाओं में ऋषि मुनियों द्वारा हिमशिखरों पर ईश्वर को प्रसन्न करने की आराधना के बारे में आपने जरूर सुना होगा। पर क्या आप जानते है देश में आज ऐसे भी साधू हैं जिन्होंने कड़ी धुप और ठंड की परवाह किये बगैर गुजरात, मध्य प्रदेश और पंजाब के गांवों की सड़कें सिर्फ इसलिए नापी ताकि वह दरिद्र नारायण की महाकुंभ में सेवा करने के लिए जमीन तैयार कर सकें। आपका परिचय करवाते हैं एक बैरागी अखाड़े के ऐसे साधुओं से जिन्होंने पिछले छ महीनों में गांवों से भिक्षा में एकत्र किए लाखों रुपये जिनसे अब दरिद्र नारायण (निर्धनों) के लिए फ्री फॉर आल रेस्टुरेंट खोल डाला है।
श्री पञ्च रामानान्दीय खाखी अखाड़े के कैंप में आपका स्वागत है। यहां पर बिन रुके चल रहा एक फ्री फॉर आल भंडारा। यहां जात-पात और धर्म-सम्प्रदाय की सभी सीमाओं को भूला दरिद्र नारायण की निशुल्क सेवा में सैकड़ों साधु-सन्यासी जुटे हैं। इसमें प्रतिदिन नाश्ता, लंच और डिनर कर 10,000 से ज्यादा गरीब, तीर्थयात्री और विदेशी पर्यटक कर रहे हैं।
तस्वीरों में देखिए इस फ्री फॉर आल रेस्टुरेंट को...