कुंभ कैंपस. दिल्ली में जब अफजल गुरु की फांसी की तैयारी चल रही थी, उसी समय कुंभ में सैकड़ों साधक नागा साधु बनने की प्रक्रिया पूरी कर रहे थे। शुक्रवार को एक बड़े धार्मिक आयोजन में आवाहन अखाड़े में 1100 अवधूत संन्यासी बने हैं। इनमें 50 महिलाएं भी हैं। महिलाओं को दीक्षित करने की प्रक्रिया बाड़े में संपन्न की गई।
गंगा तट पर सुबह से यह प्रक्रिया शुरू हुई और शुक्रवार देर रात तक चली। सभी महिलाओं और पुरुषों का मुंडन करके चोटी धारण कराई गई। फिर सबको लंगोट पहनाकर पिंडदान कराया गया। महिलाओं ने भी इसी प्रक्रिया को अपनाया। इन्होंने भी अपना पिंडदान किया। अखाड़े के कोतवाल रवि गिरि ने बताया कि आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी शिवेन्द्र पुरी ने रात में सबको दीक्षित किया। इनका विरजा होम हुआ। अब ये संन्यासी मौनी अमावस्या के दिन नागा बन जाएंगे। नागा साधु बनने के लिए कड़ी प्रकिया से गुजरना होता है।
इसके लिए ब्रह्मचर्य टेस्ट पास करना होता है और इसमें 12 साल तक भी लग सकते हैं (पढें, पूरी प्रक्रिया)
उधर, चर्चित पायलट बाबा (सोमनाथ गिरी) सहित तकरीबन आधा दर्जन महामंडलेश्वरों को जूना अखाड़े ने बर्खास्त कर दिया है। बर्खास्त महामंडलेश्वरों में महामंडलेश्वर परिषद के अध्यक्ष स्वामी अजरुनपुरी और संगठन महामंत्री स्वामी यतीन्द्रानंद भी हैं। शुक्रवार देर रात जूना अखाड़े की बैठक में यह फैसला लिया गया है। इनकी बर्खास्तगी के पीछे की वजह महामंडलेश्वर परिषद का गठन बताई जा रही है जिसपर जूना अखाड़ा पहले भी आपत्ति दर्ज कर चुका है। यह सभी महामंडलेश्वर किसी भी शाही स्नान में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
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