विज्ञापन
 
Home >> Uttar Pradesh >> Mahakumbh 2013 >> News >> Juna Akhada Terminated Many Mahamandleshwar In Maha Kumbh 2013

नागा साधु बनने के लिए 50 महिलाओं ने किया अपना श्राद्ध

2 of 5 Photos
शुक्रवार देर रात चली जूना अखाड़े की बैठक में एक प्रस्ताव पारित करते हुए उन सभी महामंडलेश्वरों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जो परिषद में शामिल थे। यह बैठक जूना अखाड़ा के सभापति महंत उमाशंकर भारती की अध्यक्षता में चली। काबि‍लेगौर है कि अखाड़े ने पिछले दिनों महामंडलेश्वर परिषद के गठन पर आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके विरोध में एक एजेंडा भी तैयार करके महामंडलेश्वर परिषद में जूना अखाड़े के शामिल महामंडलेश्वरों को चेतावनी दी थी, लेकिन उसका किसी पर असर नहीं पड़ा था। 
 
अखाड़े के सचिव महंत हरि गिरि के मुताबि‍क महामंडलेश्वर परिषद का गठन करके इन सबने अखाड़े की शपथ भंग की है। उन्होंने कहा कि महामंडलेश्वर अखाड़े बनाते हैं और जूना उनको दीक्षा देता है। महामंडलेश्वरों को अखाड़ा खुद से भी ऊंची जगह देता है। इस पद की अपनी एक गरिमा होती है। महंत ने कहा कि अखाड़े ने परिषद में शामिल सभी सदस्यों को बर्खास्त कर दिया है। कहा गया है यदि इनमें शामिल कोई महामंडलेश्वर गलती से शाही स्नान के दौरान हौदे पर बैठा दिखे तो उसे वापस कर दिया जाए। यह सब शाही स्नान नहीं कर पाएंगे। बैठक में सचिव महंत विद्यानंद सरस्वती, महंत प्रेम गिरि, महंत प्रेम पुरी समेत सभी पदाधिकारी उपस्थित थे।
 
 
गौरतलब है कि परिषद में चर्चित पायलट बाबा उपाध्यक्ष बनाए गए थे। महामंडलेश्वर परिषद के गठन की पहल उन्हीं के शिविर से हुई थी। हालांकि परिषद का अध्यक्ष जूना के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी अजरुन पुरी एवं महामंत्री संगठन स्वामी यतीन्द्रानंद को बनाया गया था। परिषद में जूना के स्वामी आत्म प्रकाश यति उपाध्यक्ष, स्वामी विवेकानंद गिरि मंत्री और स्वामी उमाकांत सरस्वती प्रवक्ता बनाए गए थे। यह सभी लोग बर्खास्‍त कि‍ए गए हैं। 

 


आपके विचार
 
 
कोड:
2 + 4

 
Ad Link
विज्ञापन
विज्ञापन
 
 
 
 
Sabse Bada Match Fixer Contest
 
 

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

क्रिकेट

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

Email Print Comment
Email Print Comment