मेले में संगम स्नान पर संगम तट की जिम्मेदारी जल पुलिस के हाथों में रहेगी। श्रद्धालुओं के स्नान के लिए कुल 21 घाट बनाए गए हैं। जल पुलिस ने अलग अलग स्तर पर करीब 400 जल पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी लगाए हैं। इसके अलावा एक कंपनी एनडीआरयफ भी लगाई है। मौनी अमावस्या पर मेला पुलिस के साथ इंडो तिब्बत बॉर्डर फोर्स की 10, रैपिड एक्शन फोर्स की नौ व बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स की तीन कंपनियों को लगाया गया है। इसके अलावा कुंभ पुलिस की तीस थानों और चालीस चौकियों की पुलिस टीमें, एंटी टेररिस्ट स्क्वॉयड, स्पेशल टॉस्क फोर्स, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, बम डिस्पोजल स्क्वॉयड, एलआइयू और आइबी की टीमों को भी एलर्ट कर दिया गया है।
यह पहला मौका है जब पहली बार सीआरपीएफ के 30 कोबरा कमांडो, आइटबीपी के 30 ब्लैक कैट कमांडो और एटीएस के 150 ब्लू हॉक कमांडो को सुरक्षा की कमान सौंपी गई है। गुरुवार को खुफिया सूचनाओं को संकलित करने के लिए हरियाणा, पंजाब और केरल से 12 और स्पॉटर्स (अनुभवी जासूस) भी मेला क्षेत्र पहुंच गए हैं। स्नान पर्व के दौरान यातयात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए शुक्रवार रात 12 बजे से जिले में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।