कुंभ कैंपस. हिन्दू आध्यात्म की असली पहचान है तिलक से होती है। यह मान्यता है कि तिलक लगाने से समाज में मस्तिष्क हमेशा गर्व से ऊंचा होता है। हिंदू परिवारों में किसी भी शुभ कार्य में "तिलक या टीका" लगाने का विधान हैं। यह तिलक कई वस्तुओ और पदार्थों से लगाया जाता हैं। इनमें हल्दी, सिन्दूर, केशर, भस्म और चंदन आदि प्रमुख हैं। परन्तु क्या आप जानते हैं कि इस तिलक लगाने के प्रति भावना क्या छिपी हैं?
संगम तट पर लगे आस्था के कुंभ में इन दिनों पहुंचे हज़ारों संतो के एक से एक अनोखे तिलक उन को लुभाने का काम कर रहे हैं। संत पूजन-अर्चन के अलवा माथे पर तिलक लगाने का विशेष विधान करते हैं। यह वर्णन मिलता है कि संगम तट पर गंगा स्नान के बाद तिलक लगाने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही कारण है की स्नान करने के बाद पंडों द्वारा विशेष तिलक अपने भक्तों को लगाया जाता है।
जानिए क्यों लगाते हैं तिलक...