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महाकुंभ हादसा: हाईकोर्ट में दस्तक, सरकार की हुई किरकिरी

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कुंभ कैंपस. इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे ने हाईकोर्ट में अपनी दस्तक दी है। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में सामाजिक संस्था वी द पीपल की ओर से दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई हुई। याचिका में याचिकाकर्ता नें इलाहाबाद रेल हादसे की निष्पक्ष/न्यायिक जांच की मांग की है। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने याचिका को खारिज करने के लिए यह दलील देने की कोशिश की क्योंकि यह मामला इलाहाबाद का है इसलिए इसकी सुनवाई लखनऊ खंडपीठ में नहीं हो सकती। पर खंडपीठ की जस्टिस उमानाथ सिंह और जस्टिस वी के दीक्षित की डिविज़न बेंच ने सरकार की इस अपील को सिरे से खारिज कर पूरी मामले से जुड़े सुरक्षा का सम्पूर्ण ब्यौरा रेलवे और राज्य सरकार को अदालत के सामने पेश करने का आदेश दिया है।
 
 
दो दिन बाद पहुंचे अखिलेश, आजम ने न्यूज चैनलों को ठहराया दोषी
 
 
यूपी के नगर विकास मंत्री आजम खां ने इलाहाबाद में हुए हादसे की नैतिक जिम्‍मेदारी लेते हुए कुंभ मेला समिति के अध्‍यक्ष पद से इस्‍तीफा देने के बाद कहा कि न्यूज चैनलों ने भगदड़ से संबंधित अफवाह फैलाई थी। उन्होंने कहा, 'नाले में गिरने से हुई दो लोगों की मौत को न्यूज चैनलों ने कुंभ में भगदड़ की अफवाह फैला दी। इसकी वजह से लोग मेला क्षेत्र से रेलवे स्टेशन की तरफ भागने लगे और स्टेशन पर प्रेशर बढ गया।'
 
मुख्यमंत्री को भेजे गये अपने त्याग पत्र में आजम ने कहा है कि महाकुम्भ स्नान और मेले का पूरी ईमानदारी से अपने दायित्वों का ठीक उसी प्रकार से निर्वहन किया जैसे तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने अर्द्ध कुम्भ के मौके पर जिम्मेदारियां दी थीं और अर्द्ध कुम्भ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ था। यह दुर्भाग्य है कि तमाम कोशिशों के बावजूद एक ऐसी अनहोनी हुई, जिसके लिए शायद कोई तैयार नहीं था। तीन करोड़ से ज्यादा लोगों ने स्नान किया। इसमें सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सहयोग रहा।
 
उधर, यूपी के राज्यपाल बीएल जोशी के बाद यूपी के सीएम अखिलेश यादव इलाहाबाद पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले घटना स्थल का दौरा किया। रेलवे के अधिकारियों से मुलाक़ात करके घटना के बारे में सारी जानकारी ली। उन्हें आगामी 15 फरवरी के शाही स्नान को लेकर सतर्क रहने की हिदायत भी दी। रेलवे स्टेशन से निकलने के बाद वह स्वरुप रानी मेडिकल हॉस्पिटल पहुंचे। वहां सभी मरीज़ों से एक-एक करके मुलाकात की। अस्पताल प्रशासन को कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि मरीज़ों के इलाज में कोई कोताही ना हो।
 
आजम आगे लिखा है कि पहले तो एक चैनल द्वारा मेला परिसर में भगदड़ की पट्टी चलाई, जो सिरे से गलत थी। दो लोगों की नाले में गिरने की वजह से, जिसका कुछ भी कारण हो सकता है, मौत हो गई, लेकिन स्नान आस्थापूर्वक शालीनता के साथ व्यवस्थित रूप से जारी रहा। सब कुछ सकुशल निपट जाने के बाद इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर एक नाखुशगवार वाकया पेश आया, जिसे हम खुली तौर पर रेल विभाग की उदासीनता ही नहीं बल्कि अनदेखी कह सकते हैं। हादसा कभी कहकर नहीं होता इसलिए ह़ादसों का इंतजाम पहले से किया जाता है। चूंकि यह रेलवे स्टेशन मेला परिसर और स्नान स्थल से बहुत दूर है और तकनीकी तौर पर मुझे उसकी जिम्मेदारी भी हासिल नहीं थी।
 
मृतकों के आश्रितों को अब 7 लाख रुपये की मदद
 
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार शाम इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे में मृत लोगों के आश्रितों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता में दो लाख रुपए का इजाफा कर दिया है। अब आश्रितों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की बजाए अब 7 लाख रुपये दिए जाएंगे। इससे पहले सीएम ने घायलों को दी जाने वाली राशि भी एक लाख रुपए से बढ़ाकर दो लाख रूपए कर दी थी।
 
 
 
 
स्लाइड के जरिए जानिए पूरा घटनाक्रम और हादसे का कारण...
 
 

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