इलाहाबाद. सदी के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुंभ का आगाज़ हो गया है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर एक नया शहर बस चुका है। यह शहर कंक्रीट का नहीं, बल्कि रेत पर बसा तंबुओं का छोटा शहर है। इस छोटी-सी नगरी को कुंभ नगरी की संज्ञा दी गई है। करीब 54 दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन के लिए इस नए शहर बसाया गया है। इसमें वो सभी मूलभूत सुविधाएं होंगी जो एक शहर में होती हैं।
कुंभ नगरी के लिए यूपी सरकार की तरफ से बाकायदा अधिसूचना जारी की गई है। इस नए शहर में पूरे 54 दिनों तक न सिर्फ साधु-संत, बल्कि आम श्रद्धालु भी प्रवास करेंगे। रेत पर बसे इस शहर में करीब 4 करोड़ से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद है। मुख्य स्नान के दिनों में इलाहाबाद विश्व का सब से बड़ा भीड़-भाड़ वाला शहर बन जाएगा।
स्लाइड के जरिए जानिए महाकुंभ में कैसे, कहां और कौन सी व्यवस्था की गई है...